Bihar Police Encounter: बिहार में फिर एनकाउंटर, खगड़िया में 50 हजार के इनामी बदमाश को पुलिस ने दौड़ाकर मारी गोली, अपराधियों में हड़कंप
Bihar Police Encounter: खगड़िया जिले के बेलदौर थाना क्षेत्र के सुखाय बासा गांव का है, जहां पुलिस और मोस्ट वांटेड बदमाश के बीच सीधी मुठभेड़ हुई है।...
Bihar Police Encounter: बिहार में कानून-व्यवस्था को लेकर सख्ती अब अपने चरम पर पहुंचती दिख रही है। अपराधियों के खिलाफ पुलिस ने ऐसा आक्रामक अभियान छेड़ दिया है जिसे अब एनकाउंटर मोड कहा जा रहा है। हाल के दिनों में खगड़िया से लेकर किशनगंज तक हुई मुठभेड़ों ने पूरे आपराधिक नेटवर्क में खलबली मचा दी है, वहीं पुलिस का संदेश साफ है अब कोई नरमी नहीं, सीधा एक्शन।
ताजा मामला खगड़िया जिले के बेलदौर थाना क्षेत्र के सुखाय बासा गांव का है, जहां पुलिस और मोस्ट वांटेड बदमाश के बीच सीधी मुठभेड़ हुई। गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने इलाके की चारों ओर से घेराबंदी की। जैसे ही पुलिस टीम ने दबिश दी, बदमाश ने भागने की कोशिश की और फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने सटीक निशाना साधते हुए 50 हजार रुपये के इनामी अपराधी को पैर में गोली मारकर घायल कर दिया और उसे मौके पर ही दबोच लिया।
इस कार्रवाई को पुलिस ने हाफ एनकाउंटर बताया है। घायल बदमाश को तुरंत खगड़िया सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। पुलिस अब उससे गहन पूछताछ कर उसके पूरे आपराधिक नेटवर्क, सप्लाई चैन और सहयोगियों की जानकारी खंगाल रही है।सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई किसी बड़े निर्देश के बाद और तेज हुई है, जिसमें साफ कहा गया है कि किसी भी बड़ी वारदात के 48 घंटे के भीतर कड़ी जवाबी कार्रवाई की जाएगी। इसी नीति के बाद बिहार पुलिस अब लगातार आक्रामक रुख में दिखाई दे रही है।
यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले किशनगंज जिले में भी पुलिस और अपराधियों के बीच देर रात मुठभेड़ हुई थी। नगर थाना क्षेत्र के फरिंगगोला रेलवे गुमटी के पास हुई इस कार्रवाई में मोस्ट वांटेड अपराधी पवन कुमार उर्फ ‘चिंटू’ को पुलिस ने घायल अवस्था में गिरफ्तार किया था। इस दौरान दोनों ओर से हुई गोलीबारी में दो पुलिस पदाधिकारी भी घायल हो गए थे, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई थी।
लगातार हो रही इन मुठभेड़ों ने राज्य में अपराधियों के बीच भय का माहौल पैदा कर दिया है। वहीं पुलिस का दावा है कि यह कार्रवाई पूरी तरह खुफिया सूचना और कानूनी प्रक्रिया के तहत की जा रही है, ताकि संगठित अपराध पर निर्णायक प्रहार किया जा सके।
राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में भी इस अभियान की गूंज तेज हो गई है। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने हाल ही में पुलिस को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि किसी भी आपराधिक घटना के बाद 48 घंटे के भीतर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। सरकार की ओर से मिले इस खुली छूट के बाद पुलिस अब बिना किसी देरी के ऑपरेशन मोड में काम कर रही है।हालांकि इस आक्रामक रणनीति को लेकर समाज में मिली-जुली प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे कानून-व्यवस्था सुधारने का सख्त और जरूरी कदम बता रहे हैं, तो कुछ इसे एनकाउंटर संस्कृति के रूप में देख रहे हैं।फिलहाल स्थिति यह है कि बिहार में अपराधियों के लिए माहौल लगातार सख्त होता जा रहा है और पुलिस का संदेश बिल्कुल स्पष्ट है अब अपराध की हर हरकत का जवाब गोलियों और तेज कार्रवाई से दिया जाएगा।
अमित कुमार की रिपोर्ट