Bihar Crime: सीएम के गृह जिले में नए साल के पहले दिन काली कमाई का पर्दाफाश, अलमारी खुली तो उड़े अफसरों के होश, 18 लाख कैश और असलहों का जखीरा बरामद

Bihar Crime: मुख्यमंत्री के गृह जिले में नए साल की आड़ में चल रहे अवैध कारोबार का ऐसा भंडाफोड़ हुआ, जिसने पुलिस महकमे के साथ-साथ पूरे इलाके में सनसनी फैला दी।

Black Money Exposed in CM s Home District Cash Arms Seized
सीएम के गृह जिले में नए साल के पहले दिन काली कमाई का पर्दाफाश- फोटो : reporter

Bihar Crime: नालंदा जिले के नूरसराय थाना क्षेत्र अंतर्गत दहपर गांव में नए साल की आड़ में चल रहे अवैध कारोबार का ऐसा भंडाफोड़ हुआ, जिसने पुलिस महकमे के साथ-साथ पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। जैसे ही घर की अलमारी खुली, वैसे ही अफसरों की आंखें फटी की फटी रह गईं-नोटों की गड्डियां, शराब की पेटियां और हथियारों का खौफनाक जखीरा सामने था। यह कोई मामूली रेड नहीं, बल्कि अवैध शराब के अंडरवर्ल्ड पर सीधी चोट थी।

उत्पाद विभाग और नालंदा पुलिस की संयुक्त टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर यह कार्रवाई अंजाम दी। उत्पाद अधीक्षक लाला अजय कुमार सुमन के मुताबिक, खुफिया खबर मिली थी कि दहपर गांव के एक घर में नए साल के जश्न के नाम पर विदेशी और देसी शराब की भारी खेप जमा की गई है, साथ ही असलहों का इंतजाम भी किया गया है। सूचना मिलते ही टीम ने बिना वक्त गंवाए दबिश दी।

पुलिस की आहट मिलते ही घर में मौजूद दो शातिर धंधेबाज अंधेरे और तंग गलियों का सहारा लेकर फरार हो गए। हालांकि, उनके भागने से पहले ही कानून के शिकंजे ने घर के अंदर छिपे राज़ उजागर कर दिए। तलाशी के दौरान एक कमरे से शराब की पेटियां और हथियार मिले। इसके बाद जब अलमारी खोली गई, तो काली कमाई का अंबार देख अफसरों के भी पसीने छूट गए।

मौके से कुल 18 लाख 1 हजार 50 रुपये नकद बरामद किए गए, जिसे अवैध शराब कारोबार से अर्जित रकम बताया जा रहा है। इसके अलावा 153 लीटर से अधिक विदेशी शराब, 4 लीटर देसी शराब, दो देसी कट्टा, तीन जिंदा कारतूस और एक खोखा भी जब्त किया गया। माना जा रहा है कि ये हथियार धंधे की हिफाजत और इलाके में दहशत कायम रखने के लिए रखे गए थे।

फरार आरोपियों की पहचान गांव के ही राकेश पासवान और विकास पासवान के रूप में हुई है। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। इस कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि नालंदा में अवैध धंधेबाजों की खैर नहीं कानून अब उनके दरवाजे पर दस्तक दे चुका है।

रिपोर्ट- राज पाण्डेय