Bihar Crime: बैंक के अंदर बैठे दलाल की गिरफ्तारी से साइबर जुर्म की साजिश बेनकाब, म्यूल अकाउंट का गैंग ध्वस्त
Bihar Crime:साइबर अपराध की अंधेरी गलियों में पल रहा एक खतरनाक ठगी नेटवर्क आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गया।...
Bihar Crime:साइबर अपराध की अंधेरी गलियों में पल रहा एक खतरनाक ठगी नेटवर्क आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गया। आरा साइबर थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दूसरे के नाम पर बैंक खाते खुलवाकर देशभर में ठगी करने वाले गिरोह के तीन शातिर सदस्यों को धर दबोचा है। चौंकाने वाली बात यह रही कि इस खेल में एक निजी बैंक का मार्केटिंग पदाधिकारी भी शामिल निकला, जो कमीशन की लालच में साइबर ठगों का मददगार बना हुआ था।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रोहित कुमार (बीबीगंज, गजराजगंज ओपी), मोहित कुमार (मसाढ़) और सुमन सौरभ चौहान (देवरिया, कोईलवर थाना क्षेत्र) के रूप में हुई है। सुमन सौरभ चौहान एक निजी बैंक में मार्केटिंग पदाधिकारी के पद पर तैनात था और वही इस नेटवर्क की अंदरूनी कड़ी साबित हुआ। पुलिस ने आरोपियों के पास से तीन मोबाइल फोन जब्त किए हैं, जिनकी जांच में साइबर ठगी से जुड़े कई डिजिटल सुबूत हाथ लगे हैं।
साइबर डीएसपी स्नेह सेतू ने बताया कि इन फर्जी खातों का इस्तेमाल महाराष्ट्र, गुजरात और राजस्थान से की गई ठगी की रकम मंगाने के लिए किया जाता था। ये रकम तथाकथित म्यूल बैंक खातों में ट्रांसफर होती थी। 5 फरवरी 2026 को आरा नगर थाना को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ युवक फर्जी तरीके से खाते खुलवाकर ठगी को अंजाम दे रहे हैं। सूचना के सत्यापन के बाद पुलिस ने पहले रोहित और मोहित को दबोचा, फिर पूछताछ की कड़ी में बैंककर्मी सुमन सौरभ चौहान की भूमिका उजागर हुई।
पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि वे भोले-भाले और जरूरतमंद लोगों को हर खाते पर तीन हजार रुपये का लालच देकर उनके नाम से अकाउंट खुलवाते थे। पासबुक, एटीएम और दस्तावेज गिरोह के सरगना को सौंप दिए जाते थे। अब तक 26–27 फर्जी खाते खुलवाए जाने की बात सामने आई है।
फिलहाल साइबर पुलिस इस नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। साफ है साइबर जुर्म अब सिर्फ बाहर नहीं, बैंक की दहलीज़ के भीतर भी पनप रहा था, जिसे आरा पुलिस ने बेनकाब कर दिया।
रिपोर्ट- आशीष कुमार