Bihar Murder: बिहार में फिर खून से लाल हुई सड़क, बाइक सवार शूटरों की ताबड़तोड़ फायरिंग में एक की मौत, दूसरा जूझ रहा ज़िंदगी मौत से
Bihar Murder: बाइक सवार बदमाशों ने सरेआम ताबड़तोड़ फायरिंग कर एक शख्स की बेरहमी से हत्या कर दी, जबकि दूसरा गंभीर रूप से ज़ख़्मी हो गया।
Bihar Murder:अपराधियों ने कानून-व्यवस्था को खुलेआम चुनौती देते हुए खौफ़नाक वारदात को अंजाम दिया। बक्सर के राजपुर थाना क्षेत्र के रसेन गांव में गोलियों की तड़तड़ाहट से पूरा इलाका थर्रा उठा। बाइक सवार बदमाशों ने सरेआम ताबड़तोड़ फायरिंग कर एक शख्स की बेरहमी से हत्या कर दी, जबकि दूसरा गंभीर रूप से ज़ख़्मी हो गया। यह वारदात न सिर्फ़ एक क़त्ल की कहानी है, बल्कि इलाके में पनप रहे बेख़ौफ़ अपराध का डरावना पैग़ाम भी है।
मृतक की पहचान धनसोईं थाना क्षेत्र के मोहनपुर निवासी रामाकांत पाठक के रूप में हुई है। वे अपने रिश्तेदार रसेन गांव निवासी विजयशंकर चौबे (45 वर्ष) के साथ गांव की उत्तर दिशा में टहल रहे थे। तभी अचानक दो बाइक पर सवार अपराधी वहां पहुंचे और बिना किसी चेतावनी के दोनों को निशाना बनाते हुए गोलियां बरसाने लगे। गोलियों की बौछार में रामाकांत पाठक मौके पर ही ढेर हो गए, जबकि विजयशंकर चौबे के पैर में गोली लगी और वे लहूलुहान होकर ज़मीन पर गिर पड़े।
फायरिंग की आवाज़ सुनते ही गांव में अफरा-तफरी मच गई। लोग दहशत में घरों से बाहर निकल आए और शोर मचाने लगे। भीड़ को जुटता देख हमलावर हथियार लहराते हुए अहियापुर की तरफ़ फरार हो गए। कुछ ही देर में राजपुर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची, इलाक़े को घेराबंदी में लिया और शव को कब्ज़े में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बक्सर सदर अस्पताल भेज दिया गया।
इधर, गंभीर रूप से घायल विजयशंकर चौबे को ग्रामीणों की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक इलाज के बाद हालत नाज़ुक देखते हुए उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। गांव में मातम पसरा है और लोगों के दिलों में डर घर कर गया है।
डीआईजी सत्यप्रकाश ने बताया कि इस सनसनीखेज़ हत्या के मामले में दो संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है और चार लोगों के ख़िलाफ़ नामजद शिकायत दर्ज की गई है। उन्होंने सख़्त लहजे में कहा कि दोषियों को किसी सूरत में बख़्शा नहीं जाएगा। हालांकि, क़त्ल की वजह अब तक पर्दे में है।
रसेन गांव की यह खूनी शाम एक बार फिर सवाल खड़ा कर रही है क्या अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि उन्हें कानून का कोई खौफ़ नहीं रहा?