छपरा के नकली सोना गिरोह पर पुलिस का शिकंजा, चार गिरफ्तार होकर जेल गए, 'सोने का मुकुट' में बड़ा खुलासा

नकली मुकुट की खरीद- बिक्री के दौरान पुलिस ने छपरा और सारण जिले से जुड़े चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से 800 ग्राम नकली सोने का मुकुट और दो बाइक बरामद की गईं है।

Chhapra Fake Gold Racket
Chhapra Fake Gold Racket - फोटो : news4nation

Bihar News :  नकली सोने के मुकुट को असली बताकर बेचने और भोलेभाले लोगों को ठगी का शिकार बनाने वाले अंतरजिला गिरोह का सीवान में पर्दाफाश हुआ है। इस संबंध में महाराजगंज के एसडीपीओ अमन ने बताया कि भगवानपुर हाट थाना क्षेत्र के हिलसर बगीचे में नकली मुकुट की खरीद- बिक्री के दौरान पुलिस ने छपरा और सारण जिले से जुड़े चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से 800 ग्राम नकली सोने का मुकुट और दो बाइक बरामद की गईं है।


इस संबंध में पुलिस ने बताया कि यह गिरोह छपरा से लेकर सीवान, गोपालगंज और वैशाली सहित कई अन्य जिलों में अपना नेटवर्क फैलाकर ठगी करता था। गिरफ्तार आरोपियों को शुक्रवार को जेल भेज दिया गया है, जबकि मौके से फरार हुए एक अन्य आरोपी की तलाश में छापेमारी जारी है। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।


मोबाइल नेटवर्क के सहारे पूरे दिन चली घेराबंदी 

सिवान जिले के भगवानपुर हाट थाने के थानाध्यक्ष आशुतोष कुमार सिंह ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए गुरुवार को विशेष टीम पूरे दिन सक्रिय रही। मोबाइल नेटवर्क के आधार पर उनकी गतिविधियों का पता लगाने की कोशिश की गई। लगातार पीछा करने के बाद पुलिस टीम को देर शाम हिलसर बगीचे में सफलता मिली। वहां नकली सोने के मुकुट की खरीद- बिक्री के दौरान चार आरोपियों को दबोच लिया गया। हालांकि, पुलिस के पहुंचने से पहले एक बाइक सवार आरोपी मौके से भाग निकला।


छपरा के तीन ठिकानों से जुड़े आरोपी 

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सारण जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र अंतर्गत हेमनगर कॉलोनी निवासी जाकिर हुसैन, साढा ढाला निवासी उमेश कुमार यादव, साढा नेवाजी टोला निवासी दिलीप कुमार सिंह और सारण जिले के गरखा निवासी सावलिया के रूप में हुई है। इस संबंध में भगवानपुर हाट के थानाध्यक्ष आशुतोष कुमार सिंह ने बताया कि जाकिर हुसैन ने पूछताछ में नकली सोना बेचने वाले गिरोह का सदस्य होने की बात स्वीकार की है। आरोपी छपरा, सीवान, गोपालगंज और वैशाली सहित कई अन्य जिलों में नेटवर्क के माध्यम से ठगी करते थे। अन्य गिरफ्तार आरोपियों ने भी गिरोह से जुड़े होने की बात स्वीकार की है।


गिरोह के बाकी सदस्यों की तलाश तेज 

पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। फरार आरोपी की तलाश भी तेज कर दी गई है। बरामद मुकुट की जांच और गिरोह के काम करने के तरीके से जुड़े पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। पुलिस को आशंका है कि पूछताछ और आगे की जांच में गिरोह के नेटवर्क तथा ठगी के अन्य मामलों को लेकर अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं।

धर्मेंद्र रस्तोगी की रिपोर्ट