Bihar police: वर्दी के रौब में बिहार पुलिस का गालीबाज दारोगा, महिला की मौजूदगी में देता है भद्दी-भद्दी गालियां, देखिए वीडियो...
बिहार पुलिस के आला अफ़सर मीटिंग-दर-मीटिंग थानों को पीपुल्स फ्रेंडली बनाने के ख्वाब सुनाते नहीं थकते।मगर ज़मीनी हक़ीक़त? आखिर बिहार पुलिस , यहां सीधे मुंह बात करना तौहीन समझा जाता है, और अगर गाली न निकले तो मानो ड्यूटी अधूरी र ह जाए...
Bihar police: बिहार सरकार ने हाल ही में सख़्त लहजे में एलान किया था कि ड्यूटी के दौरान गाली-गलौज करने वाले पुलिसकर्मियों पर कड़ी कार्रवाई होगी। मक़सद साफ़ था पुलिस और पब्लिक के बीच बिगड़ते रिश्तों को बेहतर बनाना। लेकिन लगता है बिहार पुलिस ने इस फ़रमान को संजीदगी से लेने के बजाय उस पर पलीता लगाना ही मुनासिब समझा। वहीं बिहार पुलिस के आला अफ़सर मीटिंग-दर-मीटिंग थानों को पीपुल्स फ्रेंडली बनाने के ख्वाब सुनाते नहीं थकते। हर बैठक में हिदायतें दी जाती हैं आम लोगों से तहज़ीब से पेश आओ, कानून का अदब रखो, वर्दी की इज़्ज़त बचाओ। मगर ज़मीनी हक़ीक़त? वही पुराना रिवाज़ काग़ज़ों में सुधार, सड़कों पर बदतमीज़ी। आखिर बिहार पुलिस तो बिहार पुलिस ही ठहरी; यहां सीधे मुंह बात करना तौहीन समझा जाता है, और अगर गाली न निकले तो मानो ड्यूटी अधूरी रह जाए।आज की यह कहानी दरभंगा की है जहां एक गालीबाज़ दारोगा ने वर्दी के रौब में कानून की धज्जियाँ उड़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। शहर में जाम लगा था। एक गाड़ी ओवरटेक करती दिखी तो दारोगा साहब का पारा फौरन उबाल मार गया। जुबान से पहले कानून नहीं, गाली निकली“अरे तू गाड़ी चमका रहा है रे…!के साथ मां की भद्दी भद्दी गाली.... शब्द ऐसे कि शर्म भी शरमा जाए।
गाली देने वाले कोई और नहीं दरभंगा के बेता थानाध्यक्ष हैं। थाना प्रभारी हरेंद्र कुमार ने बीच सड़क पर अपनी ताक़त का ऐसा प्रदर्शन किया, जिसने न सिर्फ महिला सम्मान बल्कि पुलिस मर्यादा को भी कटघरे में खड़ा कर दिया।जानकारी के अनुसार बेंता थाना प्रभारी हरेंद्र कुमार वाहन चेकिंग अभियान चला रहें थे उसी दौरान एक महिला डॉक्टर अपने घर लौट रही थीं। इसी दौरान नो इंट्री में गाड़ी घूस गई जिसे देखते हुये थाना प्रभारी से कहासुनी हो गई। आरोप है कि मामूली विवाद के दौरान दरोगा ने अपना आपा खो दिया। दबंगई दिखाते हुए कार का गेट खोलकर महिला डॉक्टर के ड्राइवर से अभद्रता करने लगा जैसा वायरल विडियो में देखा जा रहा हैं इस दौरान थानाध्यक्ष हेंकड़ी दिखाते हुए गंदी गंदी गाली का उपयोग उस ड्राइवर पर कर रहें है.
आरोप है कि पूर्व से ही थानाध्यक्ष ने आम लोगों के साथ भी बदसलूकी करते रहें हैं ,वहीं इस पूरे प्रकरण पर महिला डॉक्टर का दावा है कि थाना प्रभारी इस कदर उग्र थे कि उन्होंने सरकारी पिस्टल निकालकर डराने की कोशिश की और खुलेआम अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। हमलोग गुराह लगाते रहें जो आप फाइन कीजिये लेकिन वो वर्दी का रौब दिखा रहें थे और अभद्ता किया.
गाड़ी में बैठी महिला ने जब तहज़ीब से प्रतिरोध किया, तो दारोगा जी और भड़क उठे। जवाब मिला मैडम हो चाहे कुछ हो…। महिला ने साफ़ कहा भैया, बदतमीज़ी नहीं कर सकते, फाइन कीजिए। बस फिर क्या था दारोगा साहब का पारा सातवें आसमान पर। सरेआम ऐसी-ऐसी भद्दी गालियां कि आसपास खड़े लोग भी नज़रें चुराने लगे।
विडंबना देखिए महिला की मौजूदगी में भी शुरुआत गाली से और अंत गाली पर। मगर कहानी यहीं नहीं रुकी। साहस दिखाते हुए महिला ने मोबाइल निकाला और पूरी करतूत रिकॉर्ड कर ली। वीडियो में दारोगा महोदय की ज़बान का ज़हर साफ़ सुना जा सकता है ऐसा ज़हर कि सुनते ही ग़ुस्सा खौल उठे।
अब सवाल यह है कि क्या यही पीपुल्स फ्रेंडली पुलिसिंग है? क्या वर्दी पहनते ही शालीनता छुट्टी पर चली जाती है? इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि बिहार में कानून किताबों तक सीमित है, और दारोगा पर उसका असर नाममात्र। ऐसे में आम आदमी घर से निकलते वक्त यही दुआ करता है कहीं ऐसे गालीबाज़ दारोगा से पाला न पड़ जाए, वरना इंसाफ़ नहीं, सिर्फ़ अपमान मिलेगा।