Bihar Crime: नकली डिग्री, करोड़ों की कमाई और सोशल मीडिया की साजिश! गयाजी के नामी अस्पताल ने डॉक्टर और यूट्यूबर पर दर्ज कराई संगीन शिकायत
Bihar Crime: गया शहर के चर्चित अर्श सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में कथित तौर पर फर्जी डिग्री, धोखाधड़ी और अस्पताल की साख को नुकसान पहुंचाने के आरोपों को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है...।
Bihar Crime: गयाजी शहर के चर्चित अर्श सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में कथित तौर पर फर्जी डिग्री, धोखाधड़ी, विश्वासघात और अस्पताल की साख को नुकसान पहुंचाने के आरोपों को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। अस्पताल प्रबंधन ने रामपुर थाना में एक विस्तृत शिकायत देकर पूर्व चिकित्सक डॉ. टिकेन्द्र शर्मा, एक यूट्यूबर और अन्य कथित सहयोगियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत के मुताबिक, वर्ष 2022 में डॉ. टिकेन्द्र शर्मा ने खुद को गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विशेषज्ञ बताते हुए कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय डिग्रियों एवं अनुभव का हवाला दिया। अस्पताल प्रबंधन का आरोप है कि उनके द्वारा प्रस्तुत शैक्षणिक योग्यता, प्रमाण-पत्र और पेशेवर अनुभव से प्रभावित होकर उन्हें अस्पताल में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई। इतना ही नहीं, बाद में उन्हें अस्पताल का सीईओ भी बनाया गया। अस्पताल का दावा है कि जून 2022 से अप्रैल 2026 तक डॉ. शर्मा को लाखों रुपये मासिक वेतन और अन्य प्रोत्साहन राशि दी जाती रही। लेकिन इसी दौरान उनके खिलाफ मरीजों की शिकायतें भी लगातार मिलती रहीं। आरोप है कि उन्होंने अस्पताल की अनुमति के बिना निजी प्रचार-प्रसार और मार्केटिंग गतिविधियां चलाईं, जो संस्थान की HR पॉलिसी और मेडिकल एथिक्स के खिलाफ था।
मामला तब और संगीन हो गया जब अस्पताल प्रबंधन को कथित तौर पर यह जानकारी मिली कि डॉ. टिकेन्द्र शर्मा द्वारा प्रस्तुत कुछ डिग्रियों और प्रमाण-पत्रों की प्रामाणिकता संदिग्ध है। शिकायत में कहा गया है कि जांच के दौरान कई ऐसे तथ्य सामने आए, जिनसे उनके शैक्षणिक रिकॉर्ड और पेशेवर दावों पर सवाल खड़े होने लगे। प्रबंधन का आरोप है कि बार-बार नोटिस देने के बावजूद वे अपने शैक्षणिक दस्तावेजों का संतोषजनक सत्यापन नहीं करा सके।
अस्पताल ने यह भी आरोप लगाया है कि सेवा समाप्ति के बाद डॉ. शर्मा ने सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए संस्थान की छवि धूमिल करने की मुहिम शुरू कर दी। शिकायत में एक स्थानीय यूट्यूबर कुनाल कुमार का भी नाम लिया गया है। आरोप है कि उन्होंने डॉ. शर्मा के साथ मिलकर अस्पताल के खिलाफ भ्रामक और आधारहीन सामग्री प्रसारित की, जिससे संस्थान की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा। प्रबंधन का दावा है कि जब वायरल खबरों और पोस्ट के आधार के बारे में पूछा गया तो संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि अस्पताल की प्रबंध निदेशक को सोशल मीडिया के माध्यम से लगातार आपत्तिजनक और बेबुनियाद संदेश भेजे गए।
अस्पताल प्रबंधन ने अपने आवेदन में धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक साजिश, विश्वासघात, मानहानि और आर्थिक नुकसान पहुंचाने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। साथ ही यह भी दावा किया है कि कथित फर्जी दस्तावेजों के आधार पर प्राप्त वेतन और प्रोत्साहन राशि सहित एक करोड़ रुपये से अधिक की रकम वसूल की जानी चाहिए।
फिलहाल यह पूरा मामला पुलिस के समक्ष शिकायत के रूप में प्रस्तुत किया गया है। आरोपों की सत्यता की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। पुलिस की जांच और आधिकारिक निष्कर्ष आने तक सभी आरोप शिकायतकर्ता पक्ष के दावे माने जाएंगे। मामला सामने आने के बाद चिकित्सा जगत और स्थानीय स्तर पर इसकी व्यापक चर्चा हो रही है।