Bihar Crime: बैंकाक से बिहार पहुंचे ड्रग्स का बड़ा इंटरनेशनल खेल उजागर, 17 करोड़ का हाइड्रोपोनिक गांजा पकड़ाया, गया एयरपोर्ट पर DRI-एयरपोर्ट प्रशासन आमने-सामने

Bihar Crime: बोधगया स्थित गया इंटरनेशनल एयरपोर्ट उस वक्त सनसनीखेज खुलासे का गवाह बना, जब राजस्व खुफिया निदेशालय ने अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ तस्करी के एक बड़े रैकेट पर करारी चोट की।

Gaya 17M Hydroponic Ganja Seized
ड्रग्स का बड़ा इंटरनेशनल खेल उजागर- फोटो : reporter

Bihar Crime: बोधगया स्थित गया इंटरनेशनल एयरपोर्ट उस वक्त सनसनीखेज खुलासे का गवाह बना, जब राजस्व खुफिया निदेशालय  ने अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ तस्करी के एक बड़े रैकेट पर करारी चोट की। थाई एयरवेज की फ्लाइट से बैंकॉक से गया पहुंचे एक यात्री के बैग से करीब 17 किलोग्राम विदेशी हाइड्रोपोनिक गांजा बरामद किया गया, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 17 करोड़ आंकी जा रही है। यह कार्रवाई गया एयरपोर्ट के इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी ड्रग्स बरामदगी मानी जा रही है।

राजस्व खुफिया निदेशालय   को पहले से पुख्ता खुफिया इनपुट मिला था। जैसे ही संदिग्ध यात्री एयरपोर्ट पर उतरा, उस पर पैनी नजर रखी जाने लगी। तलाशी के दौरान बैग खुलते ही नशे का जखीरा सामने आ गया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान महाराष्ट्र निवासी आकाश श्रीचंद सोहांडा के रूप में हुई है। अधिकारियों के मुताबिक, बरामद गांजा सामान्य नहीं बल्कि अत्याधुनिक तकनीक से उगाया गया हाइड्रोपोनिक वीड है, जिसकी कीमत आम गांजे से कई गुना ज्यादा होती है और जिसकी तस्करी आमतौर पर संगठित अंतरराष्ट्रीय गिरोहों द्वारा की जाती है।

हालांकि इस बड़ी कार्रवाई के बाद एक और विवाद खड़ा हो गया है। गया एयरपोर्ट प्रशासन और राजस्व खुफिया निदेशालय   के बीच सूचना साझा करने को लेकर मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं। गया एयरपोर्ट के निदेशक अवधेश कुमार ने कहा कि पटना से आई DRI टीम ने बिना पूर्व सूचना दिए गिरफ्तारी की। उनका दावा है कि उन्हें अनौपचारिक तौर पर करीब 8 किलो गांजा पकड़े जाने की जानकारी मिली, जबकि मीडिया में 17 किलो बरामदगी की खबर चल रही है। आधिकारिक सूचना न मिलने से उन्हें उच्च अधिकारियों को जवाब देने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

वहीं राजस्व खुफिया निदेशालय   का कहना है कि यह पूरी कार्रवाई अत्यंत गोपनीय थी, ताकि ड्रग तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोग सतर्क न हो सकें। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि आरोपी महज एक कूरियर है और इसके पीछे कोई बड़ा अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट काम कर रहा है।

फिलहाल आरोपी को हिरासत में लेकर गहन पूछताछ की जा रही है। यह पता लगाने की कोशिश हो रही है कि यह नशीला पदार्थ किसे सप्लाई होना था और इस ड्रग्स रूट में और कौन-कौन शामिल हैं। राजस्व खुफिया निदेशालय   ने एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई तेज कर दी है। अब देखना यह है कि इस खुलासे के बाद नशे के सौदागरों की पूरी चेन कब और कैसे बेनकाब होती है।

रिपोर्ट- मनोज कुमार