Bihar Crime: रेलवे स्टेशन बना तस्करी का अड्डा, करोड़ों के सैंड बोआ सांप के धंधेबाजी का हुआ पर्दाफाश, दबोचे गए दो शातिर

Bihar Crime: रेलवे स्टेशन पर अपराध और वन्य जीव तस्करी के गठजोड़ का सनसनीखेज खुलासा हुआ है...

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रेलवे स्टेशन बना तस्करी का अड्डा- फोटो : reporter

Bihar Crime: रेलवे स्टेशन पर अपराध और वन्य जीव तस्करी के गठजोड़ का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। रेलवे सुरक्षा बल  और वन विभाग की संयुक्त कार्रवाई में दुर्लभ प्रजाति के रेड सैंड बोआ सांप की तस्करी का भंडाफोड़ किया गया है। गया के प्लेटफॉर्म पर संदिग्ध हालात में घूम रहे दो तस्करों को दबोचा गया, जिनके बैग से मृत अवस्था में रेड सैंड बोआ बरामद किया गया। इस कार्रवाई के बाद स्टेशन परिसर में हड़कंप मच गया।

सूत्रों के मुताबिक, आरपीएफ को गुप्त सूचना मिली थी कि गया रेलवे स्टेशन के रास्ते वन्य जीव तस्करी की खेप बाहर भेजी जाने वाली है। इसी इनपुट के आधार पर आरपीएफ ने वन विभाग के साथ मिलकर जाल बिछाया। प्लेटफॉर्म पर नजर रखी जा रही थी, तभी दो युवक संदिग्ध तरीके से इधर-उधर घूमते दिखाई दिए। शक गहराने पर जब उनकी तलाशी ली गई, तो बैग खोलते ही अधिकारी भी सन्न रह गए। बैग के अंदर मृत रेड सैंड बोआ सांप छिपाकर रखा गया था।

वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार रेड सैंड बोआ अत्यंत दुर्लभ और संरक्षित प्रजाति है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय तस्करी बाजार में कीमत करोड़ों रुपये बताई जाती है। इस सांप को अंधविश्वास, तंत्र-मंत्र और विदेशी बाजारों में अवैध रूप से बेचा जाता है। शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि यह खेप अंतरराज्यीय या अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क का हिस्सा हो सकती है।

पकड़े गए दोनों आरोपियों से पूछताछ में कई अहम सुराग मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि इसके पीछे एक संगठित गिरोह काम कर रहा है, जो रेलवे को सुरक्षित और आसान रास्ता मानकर वन्य जीवों की तस्करी को अंजाम देता है। फिलहाल आरोपियों की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है और उनसे गहन पूछताछ जारी है।

वन विभाग ने वन्य जीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत मामला दर्ज कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए उन्हें वन विभाग की हिरासत में सौंप दिया गया है। अधिकारियों ने इस कार्रवाई को वन्य जीव तस्करी के खिलाफ बड़ी कामयाबी बताया है और कहा है कि ऐसे गिरोहों पर शिकंजा कसने के लिए रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में निगरानी और सख्त की जाएगी।

यह मामला न सिर्फ तस्करों की बेखौफ हरकतों को उजागर करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि अगर सुरक्षा एजेंसियां सतर्क रहें, तो करोड़ों के अवैध कारोबार पर भी कानून का शिकंजा कसा जा सकता है।

रिपोर्ट- मनोज कुमार