Bihar Crime:गोपालगंज में दरिंदगी की इंतिहा, दो साल की मासूम के साथ हैवानियत, मोहम्द शारीक ने बनाया हवस का शिकार

Bihar Crime: बिहार के गोपालगंज में अपराधी और रूह कांप देने वाली वारदातों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। नगर थाना क्षेत्र के एक गांव में इंसानियत को शर्मसार करने वाला एक ऐसा वाकया पेश आया है, जिसने सुरक्षा के तमाम दावों की कलई खोल दी है।

Gopalganj Horror 2 Year Old Assaulted
गोपालगंज में दरिंदगी की इंतिहा- फोटो : reporter

Bihar Crime: बिहार के गोपालगंज में अपराधी और रूह कांप देने वाली वारदातों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। नगर थाना क्षेत्र के एक गांव में इंसानियत को शर्मसार करने वाला एक ऐसा वाकया पेश आया है, जिसने सुरक्षा के तमाम दावों की कलई खोल दी है। महज दो साल की एक नन्हीं मासूम, जिसे अभी दुनिया की समझ भी नहीं थी, वह एक दरिंदे की हवस का शिकार बन गई।

जानकारी के मुताबिक, बच्ची अपने घर की चौखट पर खेल रही थी। तभी उत्तर प्रदेश के बिजनौर का रहने वाला मोहम्मद सारीक, जो पेशे से एक पेंटर है, ने अपनी नापाक निगाहें उस मासूम पर टिका दीं। सूनसान मौका पाकर उसने बच्ची को अपनी हवस का निशाना बनाया। जब मासूम की चीखें फिजाओं में गूंजी, तो ग्रामीणों का दिल दहल गया। लोग मौके पर पहुंचे तो मंजर देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई।

घटना के बाद गांव में शदीद (तीखा) तनाव का माहौल है। गुस्साए ग्रामीणों ने भाग रहे आरोपी को घेराबंदी कर दबोच लिया। गनीमत रही कि डायल-112 की टीम वक्त पर पहुँच गई, वरना इंसाफ का तराजू भीड़ अपने हाथ में ले लेती। पुलिस ने आरोपी को हिरासत-ए-पुलीस में ले लिया है, हालांकि आरोपी लगातार अपने गुनाहों से पल्ला झाड़ रहा है।

सदर एसडीपीओ प्रांजल ने कहा कि "यह एक संगीन जुर्म है। हमने न्याय के स्तंभ को मजबूत करने के लिए FSL की टीम से वैज्ञानिक साक्ष्य इकट्ठा करवाए हैं। तफ्तीश (जांच) तेज है और हम जल्द ही आरोप पत्र दाखिल कर मुजरिम को सख्त से सख्त सजा दिलाएंगे।"

हैरानी और अफसोस की बात यह है कि बीते 24 घंटों के भीतर इसी थाना क्षेत्र में यौन अपराध की यह दूसरी बड़ी वारदात है। स्थानीय लोगों में पुलिस की गश्त और इक़बाल (धाक) को लेकर भारी नाराजगी है। सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही उस मासूम की हालत अब भी नाजुक बनी हुई है।

क्या गोपालगंज की पुलिस अपराधियों के मन में खौफ-ए-कानून पैदा कर पाएगी? या फिर कागजी कार्रवाई और तारीख-पर-तारीख के खेल में यह मामला भी दब जाएगा? आज पूरा जिला इंसाफ की उम्मीद में उस मासूम की सलामती की दुआ कर रहा है।

रिपोर्ट- नमोनारायण मिश्रा