Bihar Crime: कातिलों के दरवाजे पर बारात लेकर पहुंची पुलिस! हत्यारों के घर चस्पा हुआ इश्तिहार
Bihar Crime: बिहार में कानून ने इस बार ऐसा तमाशाई मगर सख़्त अंदाज़ अपनाया कि पूरा इलाका हैरत में पड़ गया। ...
Bihar Crime: बिहार में कानून ने इस बार ऐसा तमाशाई मगर सख़्त अंदाज़ अपनाया कि पूरा इलाका हैरत में पड़ गया। हिमांशु हत्याकांड में फरार चल रहे नामजद अभियुक्तों के खिलाफ पुलिस ने जब शिकंजा कसना शुरू किया, तो कार्रवाई भी ऐसी कि गांव-गांव चर्चा का बाज़ार गर्म हो गया। हत्या के अभियुक्तों के घर बैंड-बाजे के साथ इश्तिहार चस्पा कर पुलिस ने साफ संदेश दे दिया अब बचने की कोई राह नहीं।
मामला वैशाली थाना क्षेत्र का है, जहां 20 नवंबर को दाउदनगर निवासी सोना व्यवसायी हिमांशु कुमार की बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। इस सनसनीखेज़ कत्ल के बाद से ही कई नामजद अभियुक्त फरार चल रहे थे। लंबे समय से पुलिस को चकमा दे रहे आरोपियों पर आखिरकार कानून का डंडा पूरी शिद्दत से चला।
करीब एक किलोमीटर पहले से ही सब इंस्पेक्टर दीपक कुमार के नेतृत्व में पुलिस दल बैंड-बाजे के साथ गांव में दाखिल हुआ। बैंड पर बजती रही “आए हम बाराती” की धुन, जिसने पूरे अभियान को किसी फिल्मी सीन में तब्दील कर दिया। लोग अपने घरों से निकल आए, गलियों में भीड़ उमड़ पड़ी और हर आंख इस अनोखी कार्रवाई को देखती रह गई।
सबसे पहले पुलिस ने हत्या कांड में फरार तीन नामजद अभियुक्तों नारायणपुर दुमदुमा गांव निवासी आकांशु कुमार, राहुल कुमार और गोलू कुमार उर्फ जिज्ञाशु के घरों पर इश्तिहार चिपकाया। तीनों अभियुक्त एक ही गांव के रहने वाले हैं और लंबे समय से पुलिस की पकड़ से बाहर थे। यह कार्रवाई कांड संख्या 831/25 के तहत की गई।
इश्तिहार चस्पा करने के साथ-साथ पुलिस ने मुनादी भी कराई। ढोल-नगाड़ों के बीच एलान हुआ कि फरार अभियुक्त शीघ्र आत्मसमर्पण करें, अन्यथा उनके खिलाफ कुर्की-जब्ती जैसी सख़्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह चेतावनी सीधी और साफ थी अब कानून मज़ाक के मूड में नहीं।
ग्रामीणों का कहना है कि इलाके में पहली बार इस तरह बैंड-बाजे के साथ पुलिसिया कार्रवाई देखी गई है। इससे यह साफ हो गया है कि हिमांशु हत्याकांड में पुलिस अब एक-एक कातिल को जमीन के नीचे से भी निकाल लाने के इरादे में है।
देर रात घर लौट रहे हिमांशु कुमार पर आधा दर्जन से अधिक हमलावरों ने जानलेवा हमला किया था, जिसमें मौके पर ही उसकी मौत हो गई थी। अब सवाल सिर्फ़ यही है क्या बैंड-बाजे की यह बारात कातिलों को सलाखों के पीछे पहुंचाकर ही थमेगी?
रिपोर्ट-ऋषभ कुमार