टीईटी पेपर लीक सिंडिकेट पर शिकंजा, हाजीपुर के कबूलनामे से खुला राज, दबोचे गए सरगना बिजेंद्र के दो खास गुर्गे

Bihar Crime:हाजीपुर से गिरफ्तार कैफे संचालक सोनू के कबूलनामे के बाद ठाणे पुलिस की एसआईटी ने सिंडिकेट पर ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए दिल्ली के पवन कुमार और हरियाणा के हरिओम पानु को दबोच लिया।...

Hajipur TET Paper Leak Kingpin Bizendra Two Aides Arrested
कबूलनामे से खुला राज- फोटो : social Media

Bihar Crime: महाराष्ट्र टीईटी प्रश्नपत्र लीक कांड में जांच एजेंसियों को बड़ी कामयाबी मिली है। हाजीपुर से गिरफ्तार कैफे संचालक सोनू के कबूलनामे के बाद ठाणे पुलिस की एसआईटी ने सिंडिकेट पर ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए दिल्ली के पवन कुमार और हरियाणा के हरिओम पानु को दबोच लिया। दोनों को परीक्षा माफिया बिजेंद्र गुप्ता का बेहद करीबी और पूरे रैकेट का अहम किरदार माना जा रहा है। पुलिस का दावा है कि दोनों आरोपियों ने पेपर लीक की साज़िश को अंजाम देने से लेकर फरार आरोपियों को पनाह देने तक में अहम भूमिका निभाई।

तफ्तीश में सामने आया है कि समस्तीपुर का कुख्यात परीक्षा माफिया बिजेंद्र गुप्ता खुद भी खरीदारों से डील करने मुंबई पहुंचा था। वहीं यह भी तय किया जाना था कि किन-किन परीक्षा केंद्रों पर सेटिंग वाले अभ्यर्थियों को बैठाकर परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र और उत्तर रटवाए जाएंगे। जांच में खुलासा हुआ कि बिजेंद्र के दिल्ली से मुंबई जाने के लिए फ्लाइट टिकट हरिओम पानु ने ही बुक कराया था, जबकि पवन कुमार के साथ उसके कई माली लेन-देन और बैंक ट्रांजेक्शन मिले हैं।

एसआईटी की पड़ताल में यह भी सामने आया कि भिवंडी में कार्रवाई के बाद पवन और हरिओम ने कई शातिर मुल्जिमों को फरार होने में मदद की। सूत्रों के मुताबिक, दोनों ने मुख्य सरगना बिजेंद्र गुप्ता को हरियाणा में कई दिनों तक छिपाकर रखा था। इससे पहले पुलिस बिजेंद्र की पत्नी और कथित फाइनेंशियल मैनेजर सुमन कुमारी गुप्ता को भी गिरफ्तार कर चुकी है।

फिलहाल महाराष्ट्र पुलिस की एसआईटी, बिहार एसटीएफ के साथ मिलकर बिहार और झारखंड में लगातार छापेमारी कर रही है। जांच एजेंसियां बैंक खातों में परीक्षा से ठीक पहले हुए संदिग्ध ट्रांजेक्शनों की छानबीन कर रही हैं। अब तक इस हाई-प्रोफाइल पेपर लीक कांड में 12 मुल्जिम सलाखों के पीछे पहुंच चुके हैं, जबकि पूरे गिरोह की जड़ तक पहुंचने के लिए तहकीकात लगातार जारी है।