Bihar crime:बिहार में एक और थानाप्रभारी निलंबित, डॉक्टर कांड में बड़े साहब ने नाप दिया, थाने के साए में लूट से विभाग में हड़कंप

Bihar crime: खाकी पर उठते सवाल और आम अवाम का डगमगाता एतबार, बिहार में कानून-हिफाज़त की तस्वीर एक बार फिर धुंधली होती नज़र आ रही है।

jamui Another Bihar SHO Suspended
बिहार में एक और थानाप्रभारी निलंबित- फोटो : reporter

Bihar crime: खाकी पर उठते सवाल और आम अवाम का डगमगाता एतबार, बिहार में कानून-हिफाज़त की तस्वीर एक बार फिर धुंधली होती नज़र आ रही है। जमुई जिले से सामने आया डॉक्टर लूटकांड पुलिस महकमे के लिए महज़ एक वारदात नहीं, बल्कि थानेदारी पर सीधा इल्ज़ाम है। गिद्धौर थाना से महज़ 20–25 फीट की दूरी पर पिस्टल की नोक पर हुई लूट ने साबित कर दिया कि अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और खाकी की मुस्तैदी सवालों के कटघरे में है।

सोमवार की अहले सुबह, करीब 5:30 बजे, रिटायर्ड सिविल सर्जन के घर में घुसकर बदमाशों ने खौफनाक साज़िश को अंजाम दिया। हथियारबंद अपराधियों ने पहले घर में मौजूद तीन लोगों को इंजेक्शन लगाकर बेहोश किया, फिर इत्मीनान से लूटपाट कर फरार हो गए। हैरत की बात यह कि पीड़ित के घर के ठीक सामने डायल 112 की गाड़ी अक्सर तैनात रहती थी, इसके बावजूद वारदात पर पुलिस की नज़र तक नहीं पड़ी।

सुबह करीब 8:30 बजे जब पड़ोसी घर खुलवाने पहुंचे, तो अंदर का मंजर देख उनके होश उड़ गए। डॉक्टर विजयेंद्र सत्यार्थी, उनकी पत्नी पुष्पम सत्यार्थी और पुत्र बिक्रम सत्यार्थी बेसुध हालत में पड़े थे। फौरन इलाके में अफरातफरी मच गई। स्थानीय लोगों की मदद से तीनों को सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. सैयद नौशाद अहमद, एसीएमओ डॉ. अरविंद कुमार समेत डॉक्टरों की टीम इलाज में जुट गई।

इस सनसनीखेज लूट के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। जमुई एसपी विश्वजीत दयाल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सख़्त तेवर अपनाए और गिद्धौर थाना प्रभारी दीनानाथ सिंह को निलंबित कर दिया। खाकी पर गिरी इस गाज़ ने साफ कर दिया कि लापरवाही पर अब रहम नहीं होगा। इससे पहले नीट छात्रा कांड में भी चित्रगुप्त नगर थाने की प्रभारी रौशनी कुमारी पर गाज गिर चुकी है, जिससे साफ है कि विभाग जवाबदेही तय करने के मूड में है।

एसपी फिलहाल फुल एक्शन मोड में हैं। लूटकांड के पर्दाफाश के लिए SDPO सतीश सुमन के नेतृत्व में पांच SIT टीमों का गठन किया गया है। ये टीमें अपराधियों की सरगर्मी से तलाश में जुटी हैं। थाने के सामने हुई इस वारदात ने पुलिस की कार्यशैली पर बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है। अब देखना यह है कि खाकी अपराध पर कितनी जल्दी नकेल कस पाती है, या फिर भरोसे की यह दरार और गहरी होती जाएगी।

जमुई से सुमित की रिपोर्ट