Bihar Police Corruption: पूर्व थानेदार का करोड़पति तक का सफर, अभिषेक रंजन से EOU की 7 घंटे की पूछताछ, काली कमाई का खुल रहा ब्लैक चैप्टर

Bihar Police Corruption: बिहार में खाकी पर दाग का एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां किशनगंज नगर के पूर्व थानाध्यक्ष अभिषेक कुमार रंजन काली कमाई के जाल में बुरी तरह फंसते नजर आ रहे हैं। ...

Kisanganj EOU Questions sho Abhishek Ranjan for 7 Hours Blac
निलंबित थानाध्यक्ष की काली कमाई का साम्राज्य- फोटो : social Media

Bihar Police Corruption: बिहार में खाकी पर दाग का एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां किशनगंज नगर के पूर्व थानाध्यक्ष अभिषेक कुमार रंजन काली कमाई के जाल में बुरी तरह फंसते नजर आ रहे हैं। बुधवार को वे आर्थिक अपराध इकाई (EOU) के दफ्तर में पेश हुए, जहां करीब 7 घंटे तक उनसे ताबड़तोड़ पूछताछ हुई। आय से अधिक संपत्ति के इस हाई-प्रोफाइल केस में अधिकारियों ने उनके ब्लैक नेटवर्क और संदिग्ध लेन-देन पर कई तीखे सवाल दागे।

सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ के दौरान उनके 17 साल के पुलिस करियर में बनाई गई कथित अकूत संपत्ति पर फोकस रहा। आरोप है कि 2009 में दारोगा के तौर पर नौकरी शुरू करने वाले इस अफसर ने महज कुछ सालों में 50 करोड़ रुपये से ज्यादा की दौलत खड़ी कर ली। EOU की शुरुआती जांच और छापेमारी में कई नामी-बेनामी संपत्तियों का खुलासा हुआ है।

मुजफ्फरपुर के कांटी से लेकर पश्चिम बंगाल, सिलीगुड़ी, दार्जिलिंग रोड और दिल्ली NCR तक फैले इस प्रॉपर्टी साम्राज्य की परतें अब खुल रही हैं। सिलीगुड़ी के फ्लैट, महंगी जमीन और करोड़ों के निवेश के सोर्स को लेकर जांच एजेंसी ने शिकंजा कस दिया है। बताया जा रहा है कि EOU ने पूछताछ के लिए 50 से ज्यादा सवालों की लंबी लिस्ट तैयार की थी।

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि अभिषेक कुमार रंजन पर अपनी आय से करीब 118 फीसदी ज्यादा संपत्ति अर्जित करने का आरोप है। जांच में उनके और किशनगंज के तत्कालीन डीएसपी गौतम कुमार के बीच करीबी कनेक्शन को लेकर भी सवाल उठे हैं। माना जा रहा है कि इस केस में माफिया-नेक्सस की कड़ी भी जुड़ी हो सकती है।

इससे पहले 14 अप्रैल 2026 को EOU की 5 अलग-अलग टीमों ने पटना, छपरा, मुजफ्फरपुर और सिलीगुड़ी समेत 5 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी कर करोड़ों की संपत्ति का खुलासा किया था। इसी के बाद मामला सुर्खियों में आया और विभागीय कार्रवाई तेज हो गई।

फिलहाल पूर्व थानाध्यक्ष को पहले लाइन हाजिर किया गया और फिर सस्पेंड कर दिया गया है। अब EOU इस काली कमाई के साम्राज्य की हर कड़ी को जोड़ने में जुटी है। आने वाले दिनों में इस केस में और बड़े खुलासे होने के संकेत मिल रहे हैं और सवाल यही है, क्या खाकी के भीतर छिपे करप्शन सिंडिकेट का पूरा सच सामने आएगा?

पटना से रंजीत कुमार की रिपोर्ट