Bihar Police: बिहार में वर्दी हुई दागदार, थानेदार ने शराब माफिया को खिलाया केक, सुशासन के दावों पर जमा शराब सिंडीकेट का जश्न!
आम इंसान अगर गलती से भी भटक जाए तो उस पर कानून का कोड़ा फौरन बरसता है, लेकिन जो शराब माफिया रातों-रात लाखों का काला कारोबार खड़ा कर रहे हैं, वे थानेदार साहब की बगल में बैठकर मलाई खा रहे हैं और केक काट रहे हैं। ....
Bihar Police: बिहार में कागज़ों पर दौड़ती 'शराबबंदी' की असल हक़ीक़त अगर देखनी हो, तो मोतीहारी चले आइए। यहाँ 'सुशासन' की चादर ओढ़े बैठा पुलिस महकमा खुद कानून का जनाज़ा निकालने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा। जिस ख़ाकी के कांधों पर सूबे में शराब की एक-एक बूंद पर पाबंदी लगाने का दारोमदार था, वही ख़ाकी आज शराब माफिया के आगे नतमस्तक होकर उसके जन्मदिन पर केक काटने और खिलाने में मशगूल है। पिपरा थाने से सामने आई एक वायरल तस्वीर ने न सिर्फ पुलिस प्रशासन की अंदरूनी साठगांठ का नक़ाब उतार फेंका है, बल्कि यह भी साबित कर दिया है कि बिहार में कानून का इक़बाल अब अपराधियों की महफ़िल का मोहताज़ बन चुका है।
वायरल फोटो में पिपरा थानाध्यक्ष सतीश कुमार और थाना के एक दरोगा जी बड़े ही आत्मीय भाव से एक शख्स को अपने हाथों से केक खिलाते नज़र आ रहे हैं। पहली नज़र में यह दृश्य किसी दो पुराने दोस्तों की गहरी मोहब्बत का लग सकता है, लेकिन इस तस्वीर की कड़वी हकीकत आपको हैरान कर देगी। थानेदार साहब जिस शख्स के मुंह में बड़े चाव से मिठास घोल रहे हैं, वह कोई समाजसेवी या शरीफ नागरिक नहीं, बल्कि इलाके का कुख्यात शराब तस्कर बिट्टू कुमार बताया जा रहा है। वही बिट्टू कुमार, जिस पर शराब की तस्करी और शराब पीने जैसे गंभीर जुर्म में पिपरा थाने में ही प्राथमिकी (FIR) दर्ज है और जो इस जुर्म की पादाश में सलाखों के पीछे की हवा भी खा चुका है।
वाह रे सुशासन और वाह रे शराबबंदी! जिस मुजरिम की जगह थाने की हवालात में होनी चाहिए थी, जिस पर पुलिस की पैनी नज़र और कानूनी शिकंजा होना चाहिए था, उसी मुजरिम को थानेदार साहब अपनी सरपरस्ती में मेहमान बनाकर जश्न का हिस्सा बना रहे हैं। पूरे इलाके में चर्चाओं का बाज़ार गर्म है कि आखिर ख़ाकी और मुजरिम के बीच इस प्रगाढ़ प्रेम और ख़ास मेहरबानी के क्या मायने हैं? आखिर ऐसा कौन सा गुप्त सिंडीकेट चल रहा है कि पुलिस का खौफ खाने के बजाय शराब तस्कर पुलिसिया छत्रछाया में अपनी सालगिरह की महफ़िल सजा रहा है?
यह कोई मामूली लापरवाही नहीं, बल्कि उस पूरी व्यवस्था पर करारा तमाचा है जो हर रोज़ जनता को शराबबंदी का सख्त पाठ पढ़ाती है। आम इंसान अगर गलती से भी भटक जाए तो उस पर कानून का कोड़ा फौरन बरसता है, लेकिन जो शराब माफिया रातों-रात लाखों का काला कारोबार खड़ा कर रहे हैं, वे थाने के साहबों की बगल में बैठकर मलाई खा रहे हैं और केक काट रहे हैं। वायरल फोटो में दिख रही यह नज़दीकी साफ़ इशारा करती है कि पुलिस की इसी शय और रहमों-करम के दम पर शराब तस्करों के हौसले बुलंद हैं।
हालांकि, वायरल तस्वीर की सत्यता की पुष्टि न्यूज़4 नेशन आधिकारिक तौर पर नहीं करता, लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल यह तस्वीर और जनता के बीच उठते तीखे सवाल इस बात की गवाही दे रहे हैं कि मोतीहारी में कानून व्यवस्था की साख मिट्टी में मिल चुकी है। अब सवाल यह उठता है कि क्या जिला प्रशासन इस दागदार ख़ाकी पर कोई सख्त कार्रवाई करने की जुर्रत दिखाएगा, या फिर कागज़ी जांच का नाटक रचकर इस पूरे मामले को हमेशा की तरह रफ़ा-दफ़ा कर दिया जाएगा? फिलहाल, पिपरा थाने की इस 'शाही दावत' ने पूरे पुलिस महकमे को रुसवा कर के रख दिया है।
रिपोर्ट- हिमांशु कुमार