3 करोड़ के पंचायत सरकार भवन पर भ्रष्टाचार की दरार, निर्माण पूरा होने से पहले झड़ने लगा छत का प्लास्टर, वायरल वीडियो से मचा बवाल
Bihar Crime: बिहार सरकार भले ही भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस और गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य का दावा कर रही हो, लेकिन पूर्वी चंपारण से सामने आया एक वायरल वीडियो इन दावों पर सवाल खड़े कर रहा है। ....
Bihar Crime: बिहार सरकार भले ही भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस और गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य का दावा कर रही हो, लेकिन पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) से सामने आया एक वायरल वीडियो इन दावों पर सवाल खड़े कर रहा है। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे वीडियो में दावा किया जा रहा है कि करोड़ों रुपये की लागत से बन रहा पंचायत सरकार भवन निर्माण पूरा होने से पहले ही बदहाली की तस्वीर पेश करने लगा है। वीडियो में भवन की छत का प्लास्टर भरभराकर गिरा हुआ दिखाई दे रहा है, जिससे निर्माण की गुणवत्ता को लेकर नई बहस छिड़ गई है।
दावा किया जा रहा है कि यह मामला अरेराज प्रखंड के चटिया बड़हरवा पंचायत सरकार भवन का है, जहां करीब 3 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से भवन का निर्माण कराया जा रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि ठेकेदार, इंजीनियर और संबंधित अधिकारियों की कथित मिलीभगत के कारण निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया, जिसका नतीजा यह है कि भवन के पूरा होने से पहले ही छत का प्लास्टर उखड़ने लगा।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद लोगों में भारी नाराज़गी देखी जा रही है। कई लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब इमारत निर्माणाधीन अवस्था में ही इस तरह टूटने लगी है, तो भविष्य में इसकी मजबूती और सुरक्षा पर कैसे भरोसा किया जाए। स्थानीय ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों का आरोप है कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर पहले भी शिकायतें की गई थीं, लेकिन कथित कमीशनखोरी के खेल में विभागीय अधिकारियों ने जांच तक करना उचित नहीं समझा।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पंचायत सरकार भवन की स्वीकृत लागत करीब 3 करोड़ रुपये है। निर्माण कार्य 17 फरवरी 2025 से शुरू हुआ था और इसे 16 अप्रैल 2026 तक पूरा किया जाना है। हालांकि, कार्य पूरा होने से पहले ही भवन की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
फिलहाल सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। यदि जांच में वायरल वीडियो और लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह केवल निर्माण की गुणवत्ता का मामला नहीं होगा, बल्कि सरकारी धन के उपयोग, निर्माण कार्य की निगरानी और जवाबदेही पर भी गंभीर सवाल खड़े करेगा। अब लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि संबंधित विभाग वायरल वीडियो की जांच कर क्या कार्रवाई करता है।
रिपोर्ट- हिमांशु कुमार