Bihar Crime: दोहरे हत्याकांड का काला राज हो गया उजागर, 19 साल बाद पिता-पुत्र नक्सली को पुलिस ने दबोचा
Bihar Crime: पूर्वी चंपारण में पुलिस ने बड़ी दबिश देकर दो सक्रिय नक्सलियों को गिरफ्तार कर लिया।
Bihar Crime: मोतीहारी में पुलिस ने देर रात बड़ी दबिश देकर दो सक्रिय नक्सलियों को गिरफ्तार कर लिया। पकड़ीदयाल डीएसपी के निर्देश पर पताही थाना पुलिस ने 2006 के चर्चित दोहरे हत्याकांड के आरोपी पिता-पुत्र को दबोचा। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान चम्पापुर गांव निवासी राजकुमार राय और उसके पुत्र उमेश राय के रूप में हुई है। दोनों पर कुख्यात नक्सली विश्वनाथ राय और उसके पुत्र सुदेश राय की घर में घुसकर गोली मारकर हत्या करने का इल्ज़ाम है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक 2006 में विश्वनाथ और सुदेश की उनके घर के भीतर घुसकर ताबड़तोड़ फायरिंग में हत्या कर दी गई थी। इस सनसनीखेज वारदात के बाद पताही थाना में कांड दर्ज हुआ और दोनों आरोपियों के खिलाफ वारंट जारी था। तब से दोनों फरार चल रहे थे और पुलिस की नजर से बचते फिर रहे थे। गुप्त सूचना के आधार पर शुक्रवार की रात छापेमारी कर उन्हें धर दबोचा गया।
जांच में सामने आया कि इस खूनखराबे की जड़ आपसी रंजिश और बदले की आग थी। बताया जाता है कि 2006 से पहले सुदेश राय पर राजकुमार के एक बेटे की हत्या का आरोप था। दोनों परिवार पहले आपराधिक गतिविधियों में साथ रहे, लूट की वारदातों को अंजाम देते थे। लेकिन बंटवारे को लेकर दरार पड़ी और दुश्मनी खूनी संघर्ष में बदल गई। बेटे की हत्या के बाद राजकुमार और उमेश ने नक्सली संगठन का दामन थाम लिया और बदले की साज़िश रच डाली।
पुलिस का कहना है कि संगठन से जुड़ने के बाद दोनों ने अपने साथियों के साथ मिलकर विश्वनाथ और सुदेश को निशाना बनाया। थानाध्यक्ष बवन कुमार ने पुष्टि की कि दोनों के खिलाफ नक्सली कांड दर्ज थे और अन्य थानों में भी इनके आपराधिक इतिहास की पड़ताल की जा रही है। पूछताछ के बाद दोनों को मोतिहारी जेल भेज दिया गया है।
इस गिरफ्तारी को पुलिस बड़ी कामयाबी मान रही है। अधिकारियों का दावा है कि इलाके में नक्सली नेटवर्क की कमर तोड़ने के लिए अभियान और तेज किया जाएगा, ताकि वर्षों से दहशत का साया बनकर घूम रहे तत्वों को कानून के कटघरे तक पहुंचाया जा सके।
रिपोर्ट- हिमांशु कुमार