Bihar Crime: थाने में तांडव! नशे में धुत युवक ने वर्दीधारी दरोगा पर बरसाए थप्पड़, पुलिस महकमे में हड़कंप

Bihar Crime: नशे में चूर एक युवक ने थाना परिसर के भीतर घुसकर ऐसा बवाल काटा कि पूरा पुलिस महकमा सन्न रह गया...

Motihari Drunken Youth Slaps SI Inside Police Station Chaos
नशे में धुत युवक ने वर्दीधारी दरोगा पर बरसाए थप्पड़- फोटो : reporter

Bihar Crime: बिहार से कानून-व्यवस्था को झकझोर देने वाली एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जहां नशे में चूर एक युवक ने थाना परिसर के भीतर घुसकर ऐसा बवाल काटा कि पूरा पुलिस महकमा सन्न रह गया। जिस जगह को सुरक्षा और इंसाफ का मंदिर माना जाता है, वहीं पर दरोगा के साथ बदसलूकी और मारपीट की घटना ने सिस्टम की सख्ती पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

मामला मोतीहारी के तुरकौलिया थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है, जहां सेमरा टोला निवासी एक युवक शराब के नशे में धुत होकर सीधे थाना पहुंच गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, युवक आते ही हंगामा करने लगा, गाली-गलौज की बौछार शुरू कर दी और देखते ही देखते माहौल को तनावपूर्ण बना दिया।

ड्यूटी पर मौजूद दरोगा वरुण कुमार ने जब स्थिति को संभालने की कोशिश की और युवक को शांत कराने का प्रयास किया, तभी हालात बेकाबू हो गए। बताया जाता है कि युवक ने नशे की हालत में आपा खोते हुए दरोगा पर ताबड़तोड़ थप्पड़ और मुक्कों से हमला कर दिया। थाना परिसर में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई और पुलिसकर्मियों को हस्तक्षेप करना पड़ा।

हमले के बाद आरोपी युवक भागने की कोशिश करने लगा, लेकिन थाना में मौजूद पुलिस बल ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए उसे खदेड़कर पकड़ लिया। इस दौरान पूरे इलाके में तनाव और चर्चा का माहौल बन गया। लोग हैरानी जताते रहे कि आखिर इतनी हिम्मत किसी आम शख्स में कैसे आ गई कि वह थाने के अंदर ही पुलिस पर हाथ उठा दे। गिरफ्तार युवक की पहचान फिरोज आलम, पिता सुलेमान अंसारी, निवासी सेमरा टोला के रूप में की गई है। पुलिस जांच में ब्रेथ एनालाइजर के जरिए शराब पीने की पुष्टि भी हो चुकी है, जिससे मामला और गंभीर हो गया है।

पीड़ित दरोगा वरुण कुमार के बयान पर तुरकौलिया थाना में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। अपर थानाध्यक्ष रविरंजन कुमार ने जानकारी दी है कि आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है और उसे न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया जारी है। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि जब कानून के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले स्थान थाने में ही इस तरह की घटनाएं हो सकती हैं, तो आम जनता कितनी सुरक्षित है? पुलिस महकमा इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए आगे की कार्रवाई में जुटा है, लेकिन यह घटना इलाके में चर्चा का बड़ा मुद्दा बनी हुई है और सिस्टम पर सवालों की एक लंबी फेहरिस्त छोड़ गई है।

रिपोर्ट- हिमांशु कुमार