Bihar Crime: वारंट किसी और के नाम, जेल पहुंच गया दूसरा शख्स! बिहार पुलिस की बड़ी चूक, कोर्ट ने उठाए कार्यशैली पर सवाल

Bihar Crime:पुलिस पर आरोप है कि उसने वारंट जिस व्यक्ति के नाम जारी हुआ था, उसकी जगह दूसरे व्यक्ति को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।...

Motihari Wrong Man Jailed on Warrant Court Questions Police
वारंट किसी और के नाम, जेल पहुंच गया दूसरा शख्स- फोटो : reporter

Bihar Crime: पूर्वी चंपारण के मोतिहारी में पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। मलाही थाना पुलिस पर आरोप है कि उसने वारंट जिस व्यक्ति के नाम जारी हुआ था, उसकी जगह दूसरे व्यक्ति को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। हैरत की बात यह रही कि परिजन लगातार पुलिस को साक्ष्य दिखाकर बताते रहे कि गिरफ्तार व्यक्ति वारंटी नहीं है, लेकिन उनकी एक नहीं सुनी गई और उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

मामला ममरखा गांव से जुड़ा है। जानकारी के अनुसार उत्पाद थाना कांड में वर्ष 2022 में शराब बरामदगी के मामले में रमेश महतो, पिता रतन महतो, निवासी ममरखा मलाही के खिलाफ वारंट जारी हुआ था। आरोप है कि मलाही थाना पुलिस ने सत्यापन में लापरवाही बरतते हुए ममरखा भैया टोला निवासी रमेश कुमार, पिता रामबच्चन महतो को गिरफ्तार कर लिया। दोनों व्यक्तियों के पिता का नाम अलग, पता अलग और पंचायत तक अलग होने के बावजूद पुलिस ने कथित तौर पर पहचान की बुनियादी जांच नहीं की।

परिजनों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने थाना पहुंचकर कई दस्तावेज और साक्ष्य प्रस्तुत किए। वे लगातार बताते रहे कि गिरफ्तार व्यक्ति वही वारंटी नहीं है, जिसकी पुलिस तलाश कर रही है। इसके बावजूद पुलिस ने कार्रवाई जारी रखी और उसे जेल भेज दिया। सोमवार को परिजनों ने अदालत में दस्तावेजी साक्ष्य के साथ गुहार लगाई। मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पुलिस की कार्यशैली पर नाराजगी जताई और गिरफ्तार व्यक्ति को पर्सनल बॉन्ड पर रिहा करने का निर्देश दिया। हालांकि पुलिस की कथित लापरवाही के कारण उसे दो दिन जेल में बिताने पड़े।

इस पूरे घटनाक्रम ने पुलिस सत्यापन प्रक्रिया पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। आम लोगों के बीच चर्चा है कि यदि नाम की समानता के आधार पर गिरफ्तारी की जाएगी और दस्तावेजों की जांच नहीं होगी, तो किसी भी निर्दोष व्यक्ति को कानून की मार झेलनी पड़ सकती है।वहीं, मलाही थानाध्यक्ष का कहना है कि चौकीदार के सत्यापन के आधार पर गिरफ्तारी की गई थी। अब यह मामला इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग इस चूक के लिए जिम्मेदारी तय करने की मांग कर रहे हैं।

रिपोर्ट- हिमांशु कुमार