रिश्तों की बलि: चचेरी बहन की 'दूसरी शादी' का विरोध करने पर भाई को मिली मौत, सगे भाई ने ही बुना था जाल

चचेरी बहन के अवैध शादी का विरोध करना युवक को पड़ा महंगा लड़की के करीबी लोग के द्वारा तीन शूटर को एक लाख में युवक की हत्या करने की दी गई थी सुपारी जिसके बाद तीन शूटर ने युवक की गोली मारकर कर दी थी हत्या

रिश्तों की बलि: चचेरी बहन की 'दूसरी शादी' का विरोध करने पर भ
युवक की हत्या का पुलिस ने किया खुलासा- फोटो : मनीभूषण शर्मा

Muzaffarpur - मुजफ्फरपुर जिले के औराई थाना क्षेत्र में 30 दिसंबर की रात हुई 21 वर्षीय अर्जुन कुमार की हत्या के पीछे कोई पेशेवर रंजिश नहीं, बल्कि घर के अंदर का विवाद निकला। दरअसल, अर्जुन की चचेरी बहन ने अपने पहले पति और ससुराल को छोड़कर एक विशेष समुदाय के युवक के साथ भागकर शादी रचाई थी। अर्जुन इस अवैध रिश्ते का लगातार विरोध कर रहा था। भाई का यही विरोध बहन के दूसरे पति और घर के ही एक सदस्य को इतना नागवार गुजरा कि उन्होंने अर्जुन को रास्ते से हटाने के लिए मौत का सौदा कर डाला।

बाजार से घर लौटते समय रास्ते में मारी गई थी गोली

घटना 30 दिसंबर की है, जब राजखंड उत्तरी पंचायत के बलिया गांव निवासी अर्जुन कुमार औराई बाजार स्थित एक मोबाइल दुकान से काम खत्म कर अपने घर लौट रहा था। इसी दौरान बलिया गांव के मध्य विद्यालय के पास पीपल के पेड़ के समीप अज्ञात हमलावरों ने उसे घेर लिया और गोली मारकर उसकी हत्या कर दी। घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। पिता जगदेव पंडित के बयान पर 1 जनवरी को अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

रिश्तों का कत्ल: सगे भाई ने ही निभाई 'लाइनर' की भूमिका

पुलिस की जांच में जो सबसे चौंकाने वाला खुलासा हुआ, वो यह कि इस हत्याकांड की साजिश में अर्जुन का अपना चचेरा भाई जितेंद्र कुमार ही शामिल था। ग्रामीण एसपी के अनुसार, चचेरी बहन के दूसरे पति ने जितेंद्र के साथ मिलकर पूरी योजना बनाई थी। इस साजिश को अंजाम देने के लिए जितेंद्र ने ही शूटरों को अर्जुन की लोकेशन और पहचान बताई थी, यानी अपनों ने ही अपनों के लिए मौत का जाल बुछाया था।

तीन शूटरों को एक लाख रुपये में मिली थी सुपारी

इस हत्याकांड को अंजाम देने के लिए मीनापुर थाना क्षेत्र के तीन पेशेवर अपराधियों को एक लाख रुपये की सुपारी दी गई थी। गिरफ्तार किए गए शूटरों की पहचान सोनू कुमार, गोपी कुमार और रोहित कुमार के रूप में हुई है। इन तीनों ने स्वीकार किया है कि उन्हें अर्जुन को मारने के लिए मोटी रकम का लालच दिया गया था। पुलिस ने इन शूटरों की गिरफ्तारी के साथ ही हत्या में इस्तेमाल किया गया हथियार (पिस्टल) भी बरामद कर लिया है।

72 घंटे के भीतर पुलिस की विशेष टीम को मिली सफलता

घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया था। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मानवीय सूचनाओं (मजबूत मुखबिरी) के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया। टीम ने सबसे पहले संदेह के आधार पर जितेंद्र कुमार को हिरासत में लिया। जब जितेंद्र से कड़ी पूछताछ की गई, तो उसने सारा सच उगल दिया और उसकी निशानदेही पर मीनापुर से तीनों शूटरों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने महज 72 घंटे में इस ब्लाइंड मर्डर मिस्ट्री को सुलझा लिया।

जेल भेजे गए सभी आरोपी, मुख्य साजिशकर्ता की तलाश जारी

मुजफ्फरपुर पुलिस ने प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि गिरफ्तार चारों आरोपियों (जितेंद्र और तीन शूटर) ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। पूछताछ की प्रक्रिया पूरी करने के बाद सभी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब घटना के अन्य पहलुओं और बहन के उस दूसरे पति की भूमिका की गहन जांच कर रही है जिसने इस सुपारी किलिंग के लिए पैसे का इंतजाम किया था। इस खुलासे के बाद इलाके के लोग सगे रिश्तों की इस बेरहमी को देखकर स्तब्ध हैं।

रिपोर्ट: मनी भूषण शर्मा