जिस सहेली पर था सबसे ज़्यादा भरोसा, उसी ने उजाड़ दिया घर, दगाबाजी और मर्डर का खौफनाक कॉकटेल,लेडी दरोगा की मोहब्बत में अंधा हुआ बीडीओ

Bihar Crime: मुजफ़्फरपुर से लेकर दरभंगा तक इस वक़्त एक ऐसी सनसनीखेज साजिश और अमानत में विश्वासघात की दास्तान सामने आई है, जिसने रोंगटे खड़े कर दिए हैं. ...

Muzaffarpur Betrayed by Her Closest Friend
सहेली ने ही उजाड़ा सहेली का सुहाग - फोटो : reporter

Bihar Crime: मुजफ़्फरपुर से लेकर दरभंगा तक इस वक़्त एक ऐसी सनसनीखेज साजिश और अमानत में विश्वासघात की दास्तान सामने आई है, जिसने रोंगटे खड़े कर दिए हैं. कानून के रखवालों और सूबे के आला अफ़सरों के इस घिनौने खेल ने एक बेगुनाह लड़की, अमृता, को मौत की आगोश में सुला दिया. जिस सहेली को अमृता ने अपनी ज़िंदगी का सबसे अज़ीज़ हिस्सा माना, उसी ने उसकी पीठ में छुरा घोंप दिया.बीपीएससी (BPSC) अफ़सर पति मनोज कुमार और बिहार पुलिस की लेडी सब-इंस्पेक्टर अन्नू कुमारी के इस अवैध संबंधों (Illicit Affair) के जाल ने न सिर्फ़ एक हंसता-खेलता घर उजाड़ दिया, बल्कि एक मासूम की जान भी ले ली.

कॉलेज की गहरी दोस्ती तब दुश्मनी के ज़हर में बदल गई जब अमृता के पति मनोज ने उसकी सहेली अन्नू का नंबर चोरी-छिपे हासिल कर लिया. साल 2020 में कोर्ट मैरिज और फिर 2022 में धूम-धाम से हुई सामाजिक शादी के बाद, अमृता की ज़िंदगी में अंधेरगर्दी छाने लगी. मनोज अक्सर फ़ोन में व्यस्त रहता और बेगूसराय से लेकर राजगीर पुलिस एकेडमी तक अपनी इस माशूका से मिलने के लिए चक्कर काटता था.

 साल 2024 में जब अमृता 8 महीने की गर्भवती थी, तब उसे बेरहमी से पीटा गया, जिससे गर्भ में ही बच्चे की मौत हो गई. घर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज इस घिनौने जुर्म का जीता-जागता सबूत हैं, जिसमें सास-ससुर और देवर अमृता को सीढ़ियों से घसीटते हुए ज़बरदस्ती ज़िला प्रशासन की गाड़ी में बैठाते दिख रहे हैं. रीढ़ की हड्डी टूटने के बाद भी उस पर ज़ुल्म थमा नहीं, और आख़िरकार 3 जुलाई की रात उसे नशीला पदार्थ देकर मौत के घाट उतार दिया गया.

4 जुलाई की रात जब अमृता के मायके वाले अस्पताल पहुँचे, तो उन्हें अमृता की लाश लावारिस एंबुलेंस में मिली कातिल शौहर और उसका परिवार वारदात को अंजाम देकर रफ़ूचक्कर हो चुका था. पुलिस ने मुजफ्फरपुर के मिठनपुरा थाने में दहेज हत्या का मुक़दमा दर्ज कर तफ़्तीश शुरू कर दी है.

सिटी एसपी मोहिबुल्लाह अंसारी के मुताबिक, मामले की जाँच सिर्फ़ घरेलू हिंसा तक सीमित नहीं है, बल्कि इस सोची-समझी साज़िश के हर पहलू को खंगाला जा रहा है.मुख्य आरोपी BDO मनोज पुलिस की हिरासत में है और रिमांड पर सख़्त पूछताछ का सामना कर रहा है.

सह-आरोपी लेडी दरोगा अन्नू भले ही कोर्ट से पीआर  बॉन्ड पर सुरक्षित दिख रही हो, लेकिन पुलिस की कॉल डिटेल्स, व्हाट्सऐप चैट्स और तस्वीरों के पुख़्ता सबूतों ने उसकी गर्दन भी नाप दी है. बेल मिलने का मतलब क्लीन चिट हरगिज़ नहीं है.

एक भाई का रो-रोकर बुरा हाल है, जिसका साफ़ कहना है कि अगर उसकी बहन ने अपनी उस आस्तीन के सांप जैसी सहेली से पति को न मिलवाया होता, तो आज उसकी बहन इस तरह क़त्ल न हुई होती.

रिपोर्ट- मणिभूषण शर्मा