Bihar Corruption: बिहार में डीसीएलआर कोर्ट का कर्मचारी ले रहा था घूस, कैमरे ने पकड़ लिया, सिस्टम की साख पर फिर सवाल, खाकी के बाद कलम पर भी लगा दाग
Bihar Corruption: बिहार में भ्रष्टाचार का एक और चेहरा सामने आया है, जिसने प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है।
Bihar Corruption: बिहार में भ्रष्टाचार का एक और चेहरा सामने आया है, जिसने प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। मुजफ्फरपुर DCLR पश्चिमी कार्यालय में कार्यरत एक कर्मी का रिश्वत लेते हुए कथित वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है। यह वीडियो सामने आने के बाद एक बार फिर सरकारी दफ्तरों में फैले घूसखोरी के नेटवर्क पर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं। निगरानी विभाग द्वारा लगातार की जा रही कार्रवाई के बावजूद रिश्वत का यह सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है।
वायरल वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि कार्यालय के भीतर ही लेन-देन हो रहा है। हालांकि वीडियो की आधिकारिक पुष्टि News4Nation नहीं करता, लेकिन जिस अंदाज़ में बातचीत और लेन-देन दिखाया जा रहा है, उसने आम लोगों के बीच आक्रोश पैदा कर दिया है। बताया जा रहा है कि जमीन से जुड़े किसी काम के एवज़ में यह रिश्वत ली जा रही थी। वीडियो सामने आते ही पूरे अनुमंडल कार्यालय की कार्यशैली कठघरे में खड़ी हो गई है।
सूत्रों की मानें तो DCLR कार्यालय में पहले भी लेन-देन को लेकर शिकायतें सामने आती रही हैं, लेकिन ठोस कार्रवाई के अभाव में ऐसे कर्मियों के हौसले बुलंद होते चले गए। निगरानी विभाग समय-समय पर ट्रैप कर कार्रवाई जरूर करता है, मगर भ्रष्टाचार का यह जाल जड़ से खत्म नहीं हो पा रहा। वायरल वीडियो ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या निगरानी की कार्रवाई सिर्फ चुनिंदा मामलों तक सीमित रह गई है?
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होते ही आम जनता में गुस्सा साफ झलक रहा है। लोग पूछ रहे हैं कि जब कैमरे के डर के बावजूद खुलेआम रिश्वत ली जा रही है, तो बिना कैमरे के क्या हाल होता होगा। कई यूज़र्स ने इसे “सिस्टम की सड़ांध” बताते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि वीडियो की सत्यता की जांच की जा रही है और अगर आरोप सही पाए गए, तो संबंधित कर्मी पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। हालांकि अब तक इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। चुप्पी ने शक को और गहरा कर दिया है।
फिलहाल यह वायरल वीडियो मुजफ्फरपुर में भ्रष्टाचार की एक और डरावनी तस्वीर पेश कर रहा है। सवाल यही है कि क्या इस बार भी मामला फाइलों में दब जाएगा, या फिर रिश्वतखोरी के इस कथित खेल पर कानून का शिकंजा कस पाएगा।
रिपोर्ट- मणिभूषण शर्मा