Bihar Crime:जिला कृषि पदाधिकारी को रिश्वत लेते ही निगरानी ने दबोचा, घूसखोर अफसर का खेल खत्म
Bihar Crime:निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जिला कृषि पदाधिकारी को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
Bihar Crime:भ्रष्टाचार के खिलाफ चली निगरानी की तलवार ने एक बार फिर सिस्टम में जमी गंदगी को बेनकाब कर दिया है। बिहार सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुजफ्फरपुर के जिला कृषि पदाधिकारी सुधीर कुमार को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। 19 हजार रुपये की घूस जैसे ही उनके हाथ में पहुंची, निगरानी की टीम ने दबिश देकर पूरे खेल पर विराम लगा दिया।
गिरफ्तार अधिकारी सुधीर कुमार सिर्फ जिला कृषि पदाधिकारी ही नहीं, बल्कि परियोजना निदेशक (आत्मा) और सहायक निदेशक (शस्य), तिरहुत प्रमंडल का अतिरिक्त प्रभार भी संभाल रहे थे। यानी एक ऐसा अफसर, जिसके कंधों पर किसानों और कृषि विकास की जिम्मेदारी थी, वही अफसर रिश्वत की दलदल में धंसा मिला।
मामले की पूरी कहानी और भी चौंकाने वाली है। जानकारी के मुताबिक, एक संविदा कर्मी संतोष कुमार की पुनः ज्वाइनिंग के बदले आरोपी अफसर ने दो लाख रुपये की मोटी रकम की डिमांड रखी थी। मजबूरी में पीड़ित पहले ही 1 लाख 81 हजार रुपये घूस के तौर पर दे चुका था। बाकी बचे 19 हजार रुपये लेते समय निगरानी की टीम ने जाल बिछाया और अफसर को उसके निजी आवास से रंगे हाथों धर दबोचा।
निगरानी विभाग के डीएसपी मिथिलेश कुमार ने इस गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि यह कार्रवाई पूरी तरह से पुख्ता सूचना और सत्यापन के बाद की गई है। घूस की रकम बरामद कर ली गई है और आरोपी से गहन पूछताछ की जा रही है। गिरफ्तारी के बाद से ही आरोपी के आवास पर तलाशी अभियान जारी है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं इससे पहले भी भ्रष्टाचार की कमाई तो नहीं छुपा रखी गई है।
निगरानी सूत्रों के मुताबिक, आरोपी को जल्द ही पटना ले जाया जाएगा, जहां विशेष निगरानी अदालत में पेश किया जाएगा। इस कार्रवाई के बाद कृषि विभाग और प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।
रिपोर्ट- मनी भूषण शर्मा