Bihar Crime: तीन घंटे में खुल गया झूठ का खेल, लूट की स्क्रिप्ट खुद मुंशी ने लिखी, मुजफ्फरपुर पुलिस ने रकम समेत किया बेनकाब
Bihar Crime:पुलिस ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि खाकी की नजर से झूठ ज्यादा देर तक छिप नहीं सकता।
Muzaffarpur: पुलिस ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि खाकी की नजर से झूठ ज्यादा देर तक छिप नहीं सकता। हथियार के बल पर लूट की सनसनीखेज कहानी महज तीन घंटे में ही दम तोड़ गई, जब पुलिस की सख्ती के आगे खुद शिकायतकर्ता मुंशी का काला सच बेपर्दा हो गया। सकरा थाना क्षेत्र के बखरी के पास जिस लूट कांड से इलाके में हड़कंप मचा था, वह दरअसल एक सोची-समझी साजिश निकली।
मामला तब सामने आया जब एक व्यापारी के मुंशी ने सकरा थाना पुलिस को सूचना दी कि वह कलेक्शन कर लगभग दो लाख रुपये लेकर लौट रहा था, तभी बखरी के समीप हथियारबंद बदमाशों ने उसे घेर लिया और रकम लूटकर फरार हो गए। सूचना मिलते ही सकरा थाना पुलिस हरकत में आ गई। प्रशिक्षु डीएसपी शिवानी श्रेष्ठा दल-बल के साथ मौके पर पहुंचीं और तफ्तीश शुरू की।
शुरुआत में मामला किसी पेशेवर लूट गिरोह का लग रहा था, लेकिन जैसे-जैसे पूछताछ आगे बढ़ी, पुलिस को मुंशी की कहानी में झोल नजर आने लगा। बयान बार-बार बदल रहे थे, वारदात की टाइमिंग और हालात में तालमेल नहीं बैठ रहा था। शक की सुई सीधे मुंशी पर टिक गई। इसके बाद पुलिस ने सख्ती दिखाई तो झूठ की इमारत भरभराकर गिर पड़ी।
कड़ाई से पूछताछ में मुंशी ने कबूल कर लिया कि लूट की कहानी पूरी तरह फर्जी थी। उसने खुद ही पैसे अपने पास छिपा लिए थे और लूट का ड्रामा रच दिया था, ताकि रकम हड़प सके। मुंशी की निशानदेही पर पुलिस ने उसके घर से लूट की पूरी राशि बरामद कर ली। इसके बाद उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया।
डीसीपी ईस्ट-2 मनोज कुमार सिंह ने पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया कि पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से झूठे लूट कांड का पर्दाफाश हुआ है। उन्होंने कहा कि आरोपी मुंशी को गिरफ्तार कर लिया गया है और उससे आगे की पूछताछ की जा रही है। जल्द ही उसे न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
इस मामले ने एक बार फिर यह साफ कर दिया कि लालच में गढ़ी गई साजिश कितनी भी शातिर क्यों न हो, कानून के शिकंजे से बच नहीं सकती। मुजफ्फरपुर पुलिस की इस फुर्ती से न सिर्फ एक फर्जी लूट कांड का पर्दाफाश हुआ, बल्कि असली अपराधों पर से भी शक का बोझ हल्का हुआ। इलाके में अब यह चर्चा आम है कि खाकी के सामने चालाकी ज्यादा देर टिक नहीं पाती।
रिपोर्ट- मणिभूषण शर्मा