होली से पहले उत्पाद विभाग की दबिश से शराब तस्करी का बड़ा खेल बेनकाब, सीमेंट के पिलर में छुपा था विदेशी जाम

Bihar Crime: होली के रंगों में ज़हर घोलने की साजिश रच रहे शराब माफियाओं के मंसूबों पर उत्पाद विभाग ने एक बार फिर करारा वार किया है...

Muzaffarpur Liquor Smuggling Busted Ahead of Holi
होली से पहले उत्पाद विभाग की दबिश से शराब तस्करी का बड़ा खेल बेनकाब- फोटो : reporter

Bihar Crime:होली के रंगों में जहर घोलने की साजिश रच रहे शराब माफियाओं के मंसूबों पर मुजफ्फरपुर उत्पाद विभाग ने एक बार फिर करारा वार किया है। विदेशी शराब की बड़ी खेप को सीमेंट के पिलरों के बीच बने गुप्त तहखाने में छुपाकर लाया जा रहा था, लेकिन ऐन वक्त पर उत्पाद विभाग की टीम ने इस तस्करी की साजिश को नेस्तनाबूद कर दिया। कार्रवाई के दौरान ट्रक के चालक और उपचालक को रंगे हाथों दबोच लिया गया है।

दरअसल, मुजफ्फरपुर जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन के निर्देश पर जिले में शराब कारोबारियों और तस्करों के खिलाफ लगातार कसकर शिकंजा कसा जा रहा है। इसी कड़ी में उत्पाद इंस्पेक्टर दीपक कुमार को गुप्त सूचना मिली कि गायघाट थाना क्षेत्र स्थित टोल प्लाजा से महज 200 मीटर आगे, राजस्थान तेज लाइन होटल के परिसर में एक संदिग्ध ट्रक खड़ा है। सूचना थी कि ट्रक में सीमेंट के पिलर लदे हैं, लेकिन उन्हीं पिलरों के बीच ट्रक के भीतर बनाए गए तहखाने में विदेशी शराब की भारी खेप छुपाकर रखी गई है।

सूचना मिलते ही उत्पाद इंस्पेक्टर दीपक कुमार ने बिना वक्त गंवाए दल-बल के साथ मौके पर छापेमारी की। तलाशी के दौरान सीमेंट के पिलरों के बीच छुपाकर रखी गई विदेशी शराब बरामद होते ही मौके पर हड़कंप मच गया। टीम ने ट्रक को जब्त कर लिया और साथ ही चालक व उपचालक को भी हिरासत में ले लिया।

बताया जा रहा है कि जब्त की गई शराब की कीमत लाखों रुपये में है और इसे होली के मौके पर बिहार में खपाने की पूरी तैयारी थी। शराब लदा ट्रक फिलहाल उत्पाद थाने लाया गया है, जहां बरामद शराब का मिलान और कागजी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

पूरे मामले पर उत्पाद इंस्पेक्टर दीपक कुमार ने बताया कि गिरफ्तार चालक और उपचालक दोनों राजस्थान के निवासी हैं। उनसे पूछताछ की जा रही है ताकि इस तस्करी के पीछे छिपे बड़े नेटवर्क और सरगनाओं तक पहुंचा जा सके। फिलहाल उत्पाद विभाग की इस कार्रवाई से शराब माफियाओं में खलबली मची हुई है और साफ है कि होली से पहले प्रशासन किसी भी सूरत में कानून की लकीर लांघने नहीं देगा।

रिपोर्ट- मणिभूषण शर्मा