Bihar Police: पुलिस गाड़ी से शव फेंकने के मामले में दरोगा को SSP ने किया सस्पेंड, भेजा गया जेल, ख़ाकी पर दाग

Bihar Police: बिहार की ख़ाकी एक बार फिर सवालों के कटघरे में है....

Muzaffarpur SSP suspended Inspector in case of throwing dead
दरोगा को SSP ने किया सस्पेंड- फोटो : reporter

Bihar Police: बिहार की ख़ाकी एक बार फिर सवालों के कटघरे में है। पुलिस लिखी स्कॉर्पियो से महिला का शव फेंके जाने के सनसनीखेज मामले में सारण पुलिस की विशेष टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुजफ्फरपुर में तैनात दरोगा संतोष कुमार रजक को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। इसके बाद मुजफ्फरपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक कांतेश कुमार मिश्रा ने सख़्त रुख अपनाते हुए दरोगा संतोष कुमार रजक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

पूरा मामला वैशाली जिले के हरिहरनाथ थाना क्षेत्र से जुड़ा है। बीते दिनों सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेज़ी से वायरल हुआ था, जिसमें पुलिस लिखी स्कॉर्पियो गाड़ी से एक महिला का शव सड़क किनारे फेंका जाता दिखाई दे रहा था। वीडियो सामने आते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मामला गंभीर होने के कारण सारण जिले के वरीय पुलिस अधीक्षक ने तत्काल एक विशेष जांच टीम  का गठन किया।

जांच के दौरान वायरल वीडियो में दिख रहे वाहन की पहचान की गई। वाहन के मालिक तक पहुंचने पर सुराग मुजफ्फरपुर जिले के पानापुर कारियात थाने में पदस्थापित पुलिस आरक्षी निरीक्षक संतोष कुमार रजक तक पहुंचा। इसके बाद विशेष टीम ने दरोगा से कड़ी पूछताछ की। पूछताछ में सामने आए तथ्यों और सबूतों के आधार पर 25 जनवरी को सारण पुलिस ने दरोगा संतोष कुमार रजक को गिरफ्तार कर लिया और न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।

इस पूरे प्रकरण ने पुलिस महकमे की साख पर गहरा सवाल खड़ा कर दिया है। एक तरफ कानून की हिफ़ाज़त की ज़िम्मेदारी संभालने वाले ख़ाकीधारी पर ही लाश ठिकाने लगाने का इल्ज़ाम लगा है, तो दूसरी तरफ सोशल मीडिया ने सच को उजागर कर दिया। वीडियो वायरल न होता, तो शायद यह मामला भी दबा दिया जाता।

अब मुजफ्फरपुर के SSP कांतेश कुमार मिश्रा ने मामले में ज़ीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। उन्होंने साफ़ संदेश दिया है कि क़ानून से ऊपर कोई नहीं, चाहे वर्दी किसी भी ओहदे की क्यों न हो। निलंबन की कार्रवाई से साफ़ हो गया है कि जांच के दायरे में आए किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि महिला सरिता की मौत किन हालात में हुई और शव फेंकने के पीछे कौन-कौन शामिल थे। इस केस ने न सिर्फ़ एक अपराध की परतें खोली हैं, बल्कि ख़ाकी की जवाबदेही पर भी तीखा सवाल छोड़ दिया है।

रिपोर्ट-मणिभूषण शर्मा