Bihar Crime: बिहार में भगवान के पूजा पर दबंगों का पहरा, महिलाओं पर जमकर चले लाठी-डंडे, से मारपीट, इलाके में तनाव

Bihar Crime: पूजा करने को लेकर ऐसा बवाल खड़ा हुआ कि देखते ही देखते मामला मारपीट और खून-खराबे तक पहुंच गया।

Muzaffarpur Strongmen Block Worship Women Beaten
बिहार में भगवान के पूजा पर दबंगों का पहरा- फोटो : reporter

Bihar Crime: आस्था और अधिकार की टकराहट ने हिंसक शक्ल अख्तियार कर ली। मुजफ्फरपुर जिले में कुढ़नी थाना क्षेत्र के चक माखन गांव में पूजा करने को लेकर ऐसा बवाल खड़ा हुआ कि देखते ही देखते मामला मारपीट और खून-खराबे तक पहुंच गया। इस सनसनीखेज झड़प का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दबंगई, गाली-गलौज और लाठी-डंडों का खुलेआम इस्तेमाल साफ तौर पर देखा जा सकता है।

जानकारी के मुताबिक, गांव की कुछ महिलाएं रोज़ की तरह पूजा करने मंदिर पहुंची थीं। इसी दौरान कुछ दबंग किस्म के लोगों ने यह कहकर पूजा से रोकने की कोशिश की कि जिस ज़मीन पर मंदिर स्थित है, वह उनकी निजी मिल्कियत है। आरोप है कि जब महिलाओं ने इसका विरोध किया और पूजा करने पर अड़ी रहीं, तो दबंगों का पारा चढ़ गया। पहले तीखी बहस हुई, फिर बात हाथापाई से होते हुए जमकर मारपीट तक जा पहुंची।

इस हिंसक झड़प में कई लोग ज़ख्मी हो गए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायलों में महिलाएं भी शामिल हैं, जिनके शरीर पर चोट के साफ निशान बताए जा रहे हैं। गांव में इस घटना के बाद दहशत और तनाव का माहौल है।

पूरे मामले को लेकर पीड़ित महिला ने कुढ़नी थाना में कई लोगों के खिलाफ लिखित आवेदन दिया है। आवेदन में महिला ने साफ तौर पर आरोप लगाया है कि पूजा करने पहुंची महिलाओं को जबरन रोका गया, उनके साथ बदसलूकी की गई और बाद में संगठित तरीके से मारपीट की गई। महिला का कहना है कि यह सिर्फ ज़मीन का विवाद नहीं, बल्कि आस्था को कुचलने और डर पैदा करने की साज़िश है।

घटना का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया है। कुढ़नी थाना पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि वायरल वीडियो की सत्यता की जांच की जा रही है और पीड़ित के आवेदन के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है। दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई का भरोसा भी पुलिस की ओर से दिलाया गया है।

फिलहाल चक माखन गांव में पुलिस की नजर बनी हुई है। यह मामला न सिर्फ कानून-व्यवस्था, बल्कि सामाजिक सौहार्द के लिए भी एक बड़ी चुनौती बनकर सामने आया है, जहां पूजा जैसी पवित्र क्रिया भी विवाद और हिंसा की भेंट चढ़ गई।

रिपोर्ट- मणिभूषण शर्मा