Bihar Crime:सदर अस्पताल के गेट पर कुत्तों के बीच पड़ा मिला नवजात का शव, न्यूज4नेशन पर खबर चलने के छह घंटे बाद जागा प्रशासन, सिविल सर्जन तलब

जिंदगी की पहली सांस भी पूरी न ले पाए मासूम का शव को बेरहमी से कचरे के ढेर पर फेंक दिया गया। नन्हा जिस्म लहूलुहान था,न्यूज4नेशन पर खबर चलने के बाद प्रशासन की नींद टूटी है....

Newborn s Body Found Among Dogs at Hospital Gate Probe On
न्यूज4नेशन पर खबर चलने के छह घंटे बाद जागा प्रशासन- फोटो : reporter

Bihar Crime: सदर अस्पताल गेट के पास वह मंजर ऐसा था, जिसे देखकर कलेजा कांप जाए और रूह सिहर उठे। जिंदगी की पहली सांस भी पूरी न ले पाए मासूम का शव को बेरहमी से कचरे के ढेर पर फेंक दिया गया। नन्हा जिस्म लहूलुहान था, कुत्तों ने उसे इस कदर क्षत-विक्षत कर दिया कि पहचान तक मुश्किल हो गई। यह कोई हादसा नहीं, बल्कि इंसानियत के सीने पर खंजर की तरह वार था।

हाजीपुर सदर अस्पताल, जहां जिंदगी बचाई जाती है, उसी के गेट के पास मौत ने यह वीभत्स खेल खेला। सवाल यह नहीं कि कुत्तों ने बच्चे को नोचा, सवाल यह है कि उस मासूम को कचरे में फेंकने वाला कौन था? किस मजबूरी, किस बेदर्दी और किस गुनाह ने एक नवजात को इंसान से जानवरों के हवाले कर दिया?

मामला तब गरमाया जब न्यूज़ फॉर नेशन ने इस खौफनाक सच को प्रमुखता से दिखाया। खबर के सामने आते ही वैशाली की जिलाधिकारी वर्षा सिंह हरकत में आईं। उन्होंने सदर एसडीपीओ और वैशाली सिविल सर्जन को तलब किया। लेकिन अफसोस की बात यह रही कि आदेश के बावजूद करीब छह घंटे तक प्रशासन की नींद नहीं टूटी।

छह घंटे बाद नगर परिषद के डंपिंग यार्ड में, जहां रोज़ कचरा फेंका जाता है, उसी गंदगी के ढेर में मासूम के शव की तलाश शुरू हुई। सफाईकर्मी कचरे को उलट-पलट करते रहे, और आखिरकार उसी नरक से बच्चे का शव बरामद किया गया। फिर उसे पोस्टमार्टम हाउस ले जाया गया, ताकि मौत के सच पर से पर्दा उठ सके।

जिलाधिकारी वर्षा सिंह ने पूरे प्रकरण को गंभीर मानते हुए तीन सदस्यीय जांच टीम का गठन किया है और सख्त जांच के आदेश दिए हैं। लेकिन लोगों के दिलों में एक ही सवाल गूंज रहा है क्या सिर्फ जांच से इस जुर्म का हिसाब हो जाएगा? या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा?

यह सिर्फ एक नवजात की मौत नहीं, यह सिस्टम की बेरहमी, संवेदनहीनता और सामाजिक पतन की कहानी है। जब तक गुनहगार बेनकाब नहीं होंगे, तब तक काशव की रूह इंसाफ की आस में भटकती रहेगी।

रिपोर्ट- ऋषभ कुमार