Noida police brutality case: उत्तर प्रदेश में कानून राज पर सवाल! 71 वर्षीय वृद्ध महिला से मारपीट का गंभीर आरोप, भू माफिया की कथित साठगांठ का शक

Noida police brutality case: नोएडा के इकोटेक-3 थाना क्षेत्र में 71 वर्षीय वृद्ध महिला से पुलिस और भू माफिया की कथित साठगांठ से मारपीट का गंभीर आरोप जांच की मांग।

Noida police brutality case
नोएडा में पुलिस बर्बरता की शिकार- फोटो : social media

Noida police brutality case: उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार के गठन के बाद कानून-व्यवस्था को लेकर जनता के मन में एक मजबूत भरोसा बना था। आम धारणा यह थी कि चाहे भू माफिया हों, अपराधी तत्व हों या फिर पुलिस के भीतर गलत करने वाले अधिकारी—सबको कानून का डर है। खासकर महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान और सुरक्षा को लेकर सरकार की छवि मजबूत मानी जाती रही है।

लेकिन ग्रेटर नोएडा के ECHOTECH-3 थाना क्षेत्र से सामने आया यह मामला इस पूरे भरोसे को झकझोर देने वाला है। यहां एक 71 वर्षीय वृद्ध महिला सुशीला देवी और उनकी 50 वर्षीय पुत्री के साथ कथित रूप से न सिर्फ भू माफियाओं ने, बल्कि चौकी इंचार्ज निशांत मलिक की मौजूदगी में पुलिसिया बर्बरता की गई। यह घटना उत्तर प्रदेश की पुलिस व्यवस्था और प्रशासनिक जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

जमीन विवाद की आड़ में कथित साजिश और धमकी

पीड़िता सुशीला देवी के अनुसार, वह पिछले 10 वर्षों से खाता संख्या 197, खसरा संख्या 42 की जमीन पर अपनी पुत्री रंजना कुमारी के साथ रह रही हैं। हाल के दिनों में भू माफियाओं ने चौकी इंचार्ज से कथित मिलीभगत कर उनके घर पर दबाव बनाना शुरू किया। आरोप है कि DL 9 C BA 1563 (वैगनआर) और DL 9 C BE 1730 (Breeze) कार से आए भू माफिया और 6 अज्ञात लोगों ने घर खाली करने की धमकी दी। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने यह जमीन वर्ष 2015 में खरीद ली है। अगले दिन ये लोग दोबारा लौटे और घर खाली करने का दबाव बनाते हुए मारपीट शुरू कर दी। पीड़िता के अनुसार, उनसे कहा गया कि “कागजात हम नहीं जानते, घर खाली करो। दूसरे पक्ष ने 10 हजार दिए हैं, रहना है तो 20 हजार दो।” यह सीधा-सीधा अवैध वसूली और दबंगई का मामला बनता है।

दिनदहाड़े लूट, मारपीट और पुलिस की भूमिका पर गंभीर आरोप

पीड़िता का आरोप है कि भू माफियाओं ने न सिर्फ उनके साथ मारपीट की, बल्कि उनके सोने के कुंडल, गले की चेन, घर में रखे 50 हजार रुपये नकद, गैस सिलेंडर, चूल्हा, रेगुलेटर और अन्य सामान भी दिनदहाड़े लूट लिया। इस घटना की सूचना तत्काल 112 नंबर पर दी गई, जिसकी इवेंट ID: P24122505708 और पुलिस वाहन संख्या UP 32 DG 6354 बताई गई है। सबसे गंभीर आरोप यह है कि जब जान बचाने के लिए मां-बेटी कमरे में छिपीं, तो आरोपियों ने दरवाजा तोड़कर उन्हें जबरन पुलिस गाड़ी में बैठाया और थाने ले जाया गया। वहां यह बताने के बावजूद कि वह 71 वर्षीय वृद्ध महिला हैं, चौकी इंचार्ज निशांत मलिक ने कथित रूप से उन्हें अलग स्थान पर ले जाकर दोबारा मारपीट की और फिर चालान कर जेल भेज दिया।

जेल भेजने के बाद घर पर ताला, सर्दी में दर-दर भटकने को मजबूर

पीड़िता का कहना है कि जब वह जेल में थीं, उसी दौरान भू माफियाओं के साथ मिलकर उनके घर पर ताला लगा दिया गया। उन्हें धमकी दी गई कि यदि ताला खोलने की कोशिश की, तो जान से हाथ धोना पड़ेगा। भीषण ठंड के इस मौसम में एक 71 वर्षीय वृद्ध महिला और उनकी पुत्री बेघर होकर दर-दर भटकने को मजबूर हैं। यह स्थिति न केवल अमानवीय है, बल्कि राज्य की सामाजिक और प्रशासनिक संवेदनशीलता पर भी प्रश्नचिह्न लगाती है।

वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंची शिकायत, जांच का आश्वासन

पीड़िता सुशीला देवी ने इस पूरे मामले की लिखित शिकायत DCP सेंट्रल नोएडा को सौंपी है। अधिकारियों की ओर से निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है। अब देखना यह होगा कि क्या यह मामला केवल कागजों तक सीमित रहेगा या वास्तव में दोषियों—चाहे वे भू माफिया हों या वर्दीधारी अधिकारी—पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।