Bihar Crime:क़ानून के नाम पर साज़िश? अवैध पिस्तौल, एससी-एसटी एक्ट में मुकद्दमा, पटना के एक और थाने से उठ रहे हैं सवाल

राजीवनगर थाना क्षेत्र में ज़मीन के झगड़े ने अब क़ानून, साज़िश और इल्ज़ामों की ऐसी शक्ल अख़्तियार कर ली है कि पूरा मामला तूल पकड़ता जा रहा है। थाने की दहलीज़ से लेकर वरीय अफसरों के दफ़्तर तक इस केस की गूंज सुनाई दे रही है।

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क़ानून के नाम पर साज़िश? - फोटो : reporter

Patna Crime: राजधानी पटना के राजीवनगर थाना क्षेत्र में ज़मीन के झगड़े ने अब क़ानून, साज़िश और इल्ज़ामों की ऐसी शक्ल अख़्तियार कर ली है कि पूरा मामला तूल पकड़ता जा रहा है। थाने की दहलीज़ से लेकर वरीय अफसरों के दफ़्तर तक इस केस की गूंज सुनाई दे रही है। एक तरफ़ अवैध पिस्तौल के साथ रंगे हाथ पकड़ा गया अभियुक्त, तो दूसरी तरफ़ उसी की पत्नी के बयान पर दर्ज एससी-एसटी एक्ट का मुक़दमा अब सवाल यह कि हक़ीक़त क्या है और फ़साद की पटकथा किसने लिखी?

दरअसल 10 जनवरी को राजीव नगर थाना क्षेत्र के महावीर कॉलोनी में एक प्लॉट को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए। बात बढ़ी, तनातनी हुई और सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने अशोक कुमार चौधरी नामक व्यक्ति को अवैध पिस्तौल और तीन ज़िंदा कारतूस के साथ धर दबोचा। खाकी ने उसे सीधे थाने लाकर आर्म्स एक्ट में मामला दर्ज किया। लेकिन कहानी यहीं नहीं रुकी।

थाने पहुंचे अभी महज़ एक घंटा भी नहीं बीता था कि गिरफ्तार अभियुक्त की पत्नी मुन्नी देवी की ओर से कांड संख्या 18/26 दर्ज करा दी गई। इस एफआईआर में कांड संख्या 17/26 के सूचक धीरज सिंह समेत नीरज कुमार सिंह, राजवीर सिंह, विकास कुमार सिंह और दीपक कुमार सिंह को एससी-एसटी एक्ट के तहत नामजद कर दिया गया। 

पुलिस ने फ़ुर्ती दिखाते हुए आर्म्स एक्ट के अभियुक्त के साथ-साथ चार नामजद लोगों को जेल भेज दिया। हैरत की बात यह रही कि आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज तक खंगालने की ज़हमत नहीं उठाई गई।

अब इस पूरे प्रकरण में नया मोड़ तब आया जब कांड संख्या 18/26 में नामजद अभियुक्त नीरज कुमार सिंह की पत्नी शालिनी सिंह सामने आईं। उन्होंने इस मुक़दमे को पूरी तरह बेबुनियाद, मनगढ़ंत और एससी-एसटी एक्ट का दुरुपयोग करार दिया। राजीव नगर रोड नंबर 24 की रहने वाली शालिनी सिंह ने पटना के आईजी, एसपी समेत वरीय पुलिस अधिकारियों को लिखित आवेदन देकर निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की है।

शालिनी सिंह का कहना है कि घटना के वक्त उनके पति घर पर मौजूद थे, जिसकी तस्दीक सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल टावर लोकेशन से आसानी से हो सकती है। उनका आरोप है कि मुन्नी देवी के पति को पुलिस ने खुद पिस्तौल के साथ घटनास्थल से गिरफ्तार किया, उसके बाद दबाव बनाने और ज़मीन विवाद में पलड़ा भारी करने के लिए सुनियोजित साज़िश के तहत एससी-एसटी एक्ट लगाया गया। ऐसे में जाति सूचक गाली-गलौज और मारपीट का सवाल ही कहां उठता है?

फिलहाल राजीव नगर थाना क्षेत्र में एक ही दिन दर्ज कांड संख्या 17/26 और 18/26 को लेकर चर्चाओं का बाज़ार गर्म है। पटना पुलिस की कार्यशैली पर सवालिया निशान लग चुके हैं। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जांच हक़ीक़त को बेनक़ाब करती है या फिर यह मामला भी फाइलों की धूल में दबकर रह जाएगा।

रिपोर्ट- कुलदीप भारद्वाज