पटना से विदेश भेजी गई अभयरब रैबीज वैक्सीन निकली नकली, इंटरनेशनल वैक्सीन रैकेट के भंडाफोड़ से हड़कंप ,सीडीएसओ की गुप्त जांच तेज, जानें क्‍या है रेबीज

Patna Fake Rabies Vaccine: पटना से ऑस्ट्रेलिया समेत कई देशों में सप्लाई की गई रैबीज वैक्सीन अभयरब जांच में नकली पाई गई है। ...

Fake Rabies Vaccine Exposed India to Abroad Scam Probed
पटना से विदेश भेजी गई रैबीज वैक्सीन निकली नकली- फोटो : X

Patna Fake Rabies Vaccine: कुत्ता काटने के बाद जान बचाने वाली रैबीज वैक्सीन को लेकर एक खौफनाक साजिश सामने आई है। पटना से ऑस्ट्रेलिया समेत कई देशों में सप्लाई की गई रैबीज वैक्सीन ‘अभयरब’ जांच में नकली पाई गई है। इस सनसनीखेज खुलासे के बाद सेंट्रल ड्रग स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैले इस वैक्सीन रैकेट की परतें उधेड़नी शुरू कर दी हैं।

जांच में वैक्सीन सप्लाई के तार पटना के गोविंद मित्रा रोड से जुड़ते पाए गए हैं। अभयरब वैक्सीन को हैदराबाद स्थित इंडियन इम्यूनोलॉजिकल लिमिटेड बनाती है, लेकिन विदेशों में पकड़ी गई खेप इस असली वैक्सीन की नकली कॉपी निकली। सीडीएसओ को इसके इनपुट पहले बेंगलुरू से मिले, जहां की एक दवा एक्सपोर्टर कंपनी ने विदेश में यह वैक्सीन भेजी थी।

जांच आगे बढ़ी तो बेंगलुरू के एक्सपोर्टर ने पटना के गोविंद मित्रा रोड स्थित मेसर्स एसएस ड्रग्स का नाम लिया। आरोप है कि यहीं से नकली अभयरब वैक्सीन हासिल कर विदेश भेजी गई। सीडीएसओ ने पूरी कार्रवाई को खुफिया मिशन की तरह अंजाम देते हुए एसएस ड्रग्स के मालिक शानू कुमार को हिरासत में लिया।

मोबाइल जांच में बेंगलुरू की एजेंसी से लेन-देन के अहम सबूत बरामद हुए।  एसएस ड्रग्स के मालिक शानू कुमार ने सफाई दी कि भुगतान किसी दूसरी दवा की सप्लाई से जुड़ा है, लेकिन वह यह नहीं बता सके कि आखिर एक्सपोर्टर को कौन-सी दवा भेजी गई। ड्रग एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत बिना दवा का नाम दर्ज किए सप्लाई करना सीधा आपराधिक जुर्म है।

सीडीएसओ ने एसएस ड्रग्स से अभयरब वैक्सीन के कुछ संदिग्ध सैंपल जब्त किए हैं। इन्हें बैच नंबर के आधार पर जांच के लिए अधिकृत स्टॉकिस्ट और निर्माता कंपनी को भेजा गया है। रिपोर्ट के बाद अगली कानूनी कार्रवाई तय होगी।

बता दें कि हाल के दिनों में बिहार और यूपी में नकली दवाओं का नेटवर्क लगातार बेनकाब हो रहा है। गया में बनी ऑक्सीटोसिन वैक्सीन की बड़ी खेप और हाजीपुर की कंपनी के कफ सिरप पर तमिलनाडु में बैन इस बात का संकेत है कि दवा माफिया का खेल अब राज्य नहीं, देश और विदेश तक फैल चुका है।