Patna Crime: सेक्स रैकेट का विरोध करना पड़ा भारी, पटना जंक्शन से अगवा बंटी का फोरलेन किनारे मिली लाश, पुलिस की तफ्तीश पर उठे संगीन सवाल

Patna Crime: पटना से अगवा किए गए बंटी यादव का सड़ा-गला शव अथमलगोला थाना क्षेत्र में मोकामा-बख्तियारपुर फोरलेन के किनारे करजान गांव के पास बरामद होने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।..

Patna Crime: सेक्स रैकेट का विरोध करना पड़ा भारी, पटना जंक्श
सेक्स रैकेट का विरोध करना पड़ा भारी- फोटो : reporter

Patna Crime: पटना जंक्शन से अगवा किए गए बंटी यादव का सड़ा-गला शव अथमलगोला थाना क्षेत्र में मोकामा-बख्तियारपुर फोरलेन के किनारे करजान गांव के पास बरामद होने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। बदमाशों ने कत्ल के बाद सबूत मिटाने की नीयत से शव को एक छोटे गड्ढे में दफ्न कर मिट्टी से ढक दिया था, ताकि वारदात पर पर्दा डाला जा सके। लेकिन शाम करीब पांच बजे शव मिलने के बाद इस खौफनाक हत्याकांड का राज खुल गया। मौके पर लोगों की भारी भीड़ जुट गई, जबकि परिजनों ने पुलिस की तफ्तीश और कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।

परिजनों का इल्जाम है कि 6 जुलाई की रात पटना जंक्शन स्थित महावीर मंदिर के पास से बंटी यादव का अपहरण किया गया था। उनका दावा है कि बंटी अपने मोहल्ले में कथित तौर पर चल रहे देह व्यापार और दूसरी गैरकानूनी गतिविधियों का लगातार विरोध कर रहे थे। इसी रंजिश में उन्हें निशाना बनाया गया। अपहरण की पूरी वारदात पास लगे सीसीटीवी कैमरे में भी कैद हुई थी, जिसमें बंटी कुछ लोगों से बातचीत के बाद उनके साथ जाते दिखाई दिए थे।

परिवार का कहना है कि कोतवाली थाने में अपहरण की प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। इतना ही नहीं, सीसीटीवी फुटेज और संदिग्धों की पहचान भी पुलिस को सौंप दी गई थी। इसके बावजूद वक्त रहते कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। परिजनों का आरोप है कि अगर पुलिस फौरन दबिश देती और संदिग्धों से सख्ती से पूछताछ करती तो शायद बंटी की जान बचाई जा सकती थी।

बंटी के परिजन राजू कुमार के मुताबिक, अपहरण से पहले कुछ लोग उनके घर के पास गाली-गलौज और हंगामा कर रहे थे, जिसका बंटी ने विरोध किया था। इसके बाद आधी रात करीब एक बजे उन्हें टेंपो में जबरन बैठाकर ले जाया गया। शव की पहचान उनके ट्राउजर से हुई। परिजनों का यह भी दावा है कि अपहरण के बाद उन्होंने दो संदिग्धों को पकड़कर पुलिस के हवाले किया था, लेकिन इसके बावजूद जांच में अपेक्षित तेजी नहीं दिखाई गई। बंटी पटना जंक्शन के पास फास्ट फूड की दुकान चलाकर परिवार का गुजारा करते थे।

वहीं, एसडीपीओ-1 रामकृष्ण ने बताया कि सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और एफएसएल टीम को बुलाकर साक्ष्य जुटाए गए। शव काफी हद तक डीकंपोज हो चुका था। पुलिस का कहना है कि अपहरण और हत्या के पूरे मामले के साथ-साथ देह व्यापार से जुड़े आरोपों की भी हर पहलू से तफ्तीश की जा रही है। अब यह मामला सिर्फ एक कत्ल नहीं, बल्कि पुलिस की कार्यशैली और कानून-व्यवस्था पर भी बड़े सवाल खड़े कर रहा है।

रिपोर्ट- रंजीत कुमार