Patna Kidnapping Case: पटना में फिल्मी अंदाज में अपहरण , भागलपुर से सकुशल मिला कौशलेंद्र, 7 अपहरणकर्ता गिरफ्तार, इस कारण पीड़ित को ही पुलिस ने भेजा जेल

Patna Kidnapping Case: पटना के मौर्या लोक परिसर से हुए अपहरण कांड में पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है।...

Patna Kidnapping Case

Patna Kidnapping Case:  पटना के मौर्या लोक परिसर से हुए अपहरण कांड में पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। रविवार को अगवा किए गए भूपतिपुर निवासी कौशलेंद्र कुमार को पुलिस ने मंगलवार को भागलपुर से सकुशल बरामद कर लिया। इस मामले में पुलिस ने सात आरोपितों को गिरफ्तार किया है। लेकिन इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाला मोड़ तब आया, जब अपहरण के शिकार कौशलेंद्र कुमार को भी जमीन के कारोबार में रुपये लेकर वापस नहीं करने की शिकायत के आधार पर गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। पुलिस के मुताबिक, इस मामले में दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था।

मौर्या लोक से जबरन गाड़ी में बैठाकर ले गए थे बदमाश

पुलिस के अनुसार, कौशलेंद्र कुमार की पत्नी मनिता सिन्हा ने कोतवाली थाने में अपहरण की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि रविवार, 11 अक्टूबर की सुबह करीब आठ बजे उनके पति मौर्या लोक जाने की बात कहकर घर से निकले थे। कई घंटे बीतने के बाद भी जब वह वापस नहीं लौटे, तो पत्नी ने उनसे संपर्क करने की कोशिश की। लेकिन उनका मोबाइल फोन बंद मिला। इसके बाद मनिता सिन्हा मौर्या लोक परिसर पहुंचीं। वहां पता चला कि उनके पति एक कंप्यूटर दुकान पर काम कर रहे थे। इसी दौरान छह-सात लोग कथित तौर पर उन्हें जबरन गाड़ी में बैठाकर ले गए। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की। वैज्ञानिक और तकनीकी अनुसंधान के आधार पर पुलिस ने कौशलेंद्र को भागलपुर से बरामद कर लिया।

सात आरोपित गिरफ्तार, अलग-अलग जिलों के रहने वाले हैं आरोपी

इस मामले में गिरफ्तार आरोपितों की पहचान मुजफ्फरपुर निवासी दिव्यांश कुमार, बांका निवासी हिमांशु शेखर और पवन कुमार, आरा निवासी नीरज कुमार, भागलपुर निवासी निवास कुमार और कुमार मयंक तथा रोहतास निवासी भूपेंद्र कुमार के रूप में हुई है।पुलिस ने सभी सात आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मामले की जांच के दौरान जमीन के कारोबार से जुड़े पुराने विवाद की जानकारी भी सामने आई है।

80 लाख रुपये का लेन-देन, पहले भी उठाने का आरोप

पुलिस के मुताबिक, कौशलेंद्र कुमार और गिरफ्तार आरोपितों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। पूछताछ में जानकारी मिली कि 19 सितंबर को भी बाइपास थाना क्षेत्र से कौशलेंद्र को उठाया गया था। इस विवाद का संबंध जमीन के कारोबार से बताया जा रहा है।जांच में करीब 80 लाख रुपये का लेन-देन बैंक खातों के माध्यम से होने की बात सामने आई है। आरोप है कि कौशलेंद्र ने जमीन के कारोबार के सिलसिले में खरीदारों से रकम ली, लेकिन उसे वापस नहीं किया। इसी मामले में दिव्यांश कुमार के आवेदन पर कौशलेंद्र के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज की गई है।

अपहरण के शिकार को भी पुलिस ने भेजा जेल

इस कांड का सबसे अहम पहलू यह है कि अपहरण की शिकायत करने वाले पक्ष से जुड़े कौशलेंद्र कुमार को भी दूसरे मामले में आरोपित बनाया गया है। कोतवाली थानेदार के मुताबिक, शिकायत और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कौशलेंद्र को भी जेल भेजा गया है। फिलहाल इस मामले में अपहरण और जमीन के कारोबार से जुड़े आर्थिक विवाद, दोनों पहलुओं की जांच अहम है। पुलिस की कार्रवाई के बाद अब 80 लाख रुपये के कथित लेन-देन और दोनों पक्षों के बीच पुराने विवाद की पूरी तस्वीर जांच और न्यायिक प्रक्रिया के दौरान स्पष्ट होगी।

रिपोर्ट- अनिल कुमार