Bihar Crime: पटना में दवा कारोबार के नाम पर ढाई करोड़ का फ्रॉड, निवेश का झांसा देकर करोड़ों डकारे, मुंबई से दबोचा गया मास्टरमाइंड

Bihar Crime: राजधानी पटना में दवा कारोबार के नाम पर करोड़ों रुपये की कथित ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है।...

Patna Man Held in Mumbai for Rs 2 5 Crore Pharma Investment
पटना में दवा कारोबार के नाम पर ढाई करोड़ का फ्रॉड- फोटो : social Media

Bihar Crime: राजधानी पटना में दवा कारोबार के नाम पर करोड़ों रुपये की कथित ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि निवेश और मोटे मुनाफे का ख्वाब दिखाकर कई कारोबारियों से करीब ढाई करोड़ रुपये वसूल लिए गए, लेकिन न तो कोई कारोबार शुरू हुआ और न ही निवेशकों को उनका पैसा वापस मिला। मामले के उजागर होने के बाद कारोबारी जगत में हड़कंप मच गया है।पीरबहोर थाना में दर्ज शिकायत के अनुसार कदमकुआं के अमरुदी गली निवासी सिकंदर कुमार समेत कई कारोबारियों ने आरोप लगाया है कि उन्हें दवा कारोबार में साझेदारी और बेहतर रिटर्न का लालच देकर बड़ी रकम निवेश कराई गई। सिकंदर कुमार का दावा है कि उनसे अकेले करीब 65 लाख रुपये लिए गए। यह राशि आरटीजीएस और नकद दोनों माध्यमों से दी गई थी। जब उन्होंने अपने पैसे वापस मांगे तो कथित तौर पर उन्हें अपमानित कर घर से बाहर निकाल दिया गया।

शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि पूरे खेल की पटकथा बेहद शातिर तरीके से तैयार की गई थी। आरोपी के भाई सुनील कुमार, जो जीएम रोड पर दवा दुकान संचालित करते हैं, कारोबारियों के बीच भरोसे का माहौल बनाते थे। उन्हें विश्वास दिलाया गया कि सज्जन कुमार के साथ निवेश पूरी तरह सुरक्षित है और इससे कारोबार के साथ-साथ टैक्स संबंधी परेशानियों से भी राहत मिलेगी। इसी भरोसे के आधार पर कई लोगों ने लाखों रुपये लगा दिए।

मामला दर्ज होते ही आरोपी आदित्य कुमार उर्फ सज्जन कुमार अचानक फरार हो गया। बताया जाता है कि पैसों की वसूली के लिए लगातार लोग उसके घर पहुंच रहे थे, जिसके बाद वह पटना छोड़कर मुंबई भाग गया। इस बीच उसकी पत्नी ने कदमकुआं थाना में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराकर नया मोड़ देने की कोशिश की। हालांकि पुलिस जांच में यह कहानी ज्यादा देर तक नहीं टिक सकी।

तकनीकी निगरानी और खुफिया सूचना के आधार पर जांच एजेंसियों ने आरोपी का सुराग मुंबई में तलाश लिया। पुलिस को जानकारी मिली कि वह अपनी पहचान छिपाकर एक रेस्टोरेंट में काम कर रहा है। इसके बाद एसटीएफ ने कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया। ट्रांजिट रिमांड पर पटना लाकर उससे पूछताछ की जा रही है।

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस कथित ठगी के नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल थे तथा कितने कारोबारियों से रकम वसूली गई। जांच एजेंसियों को आशंका है कि मामला सामने आए आंकड़ों से कहीं बड़ा हो सकता है। फिलहाल पुलिस आर्थिक अपराध, निवेश धोखाधड़ी और अन्य पहलुओं को ध्यान में रखकर पूरे मामले की तह तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।

ब्यूरो रिपोर्ट