Bihar NIA Raid: NIA की बिहार समेत 20 ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी, कट्टरपंथी नेटवर्क पर कसा शिकंजा, युवाओं को गुमराह करने की साजिश जान कर हैरान हो जाएंगे आप

बिहार समेत 10 राज्यों में NIA ने शिकंजा कसते हुए कट्टरपंथी नेटवर्क पर ताबड़तोड़ छापेमारी करते हुए आतंकी साज़िश का खुलासा किया है....

NIA Raids 20 Locations Bihar
NIA की बिहार समेत 20 ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी- फोटो : social Media

Bihar NIA Raid: आतंकी नेटवर्क और ऑनलाइन कट्टरपंथ फैलाने के आरोपों को लेकर राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने बड़ा अभियान चलाया है। बुधवार को बिहार समेत 10 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 20 ठिकानों पर एक साथ ताबड़तोड़ छापेमारी की गई। जांच एजेंसी का कहना है कि कार्रवाई का मकसद उन लोगों और नेटवर्क की पहचान करना है, जिन पर युवाओं को ऑनलाइन माध्यम से कट्टरपंथी विचारधारा की ओर प्रभावित करने और प्रतिबंधित आतंकी संगठनों की विचारधारा फैलाने के आरोप हैं।

एनआईए के अनुसार बिहार, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, राजस्थान, गुजरात और दिल्ली में चलाए गए तलाशी अभियान के दौरान कई डिजिटल उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और अन्य दस्तावेज़ जब्त किए गए हैं। इन सभी उपकरणों की फ़ॉरेंसिक जांच कराई जाएगी ताकि कथित साज़िश, संपर्कों और डिजिटल नेटवर्क की पूरी कड़ी का पता लगाया जा सके।

जांच एजेंसी का दावा है कि अब तक की तहकीकात में ऐसे संकेत मिले हैं कि गिरफ्तार आरोपी और उनके कथित सहयोगी ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म के ज़रिए युवाओं तक हिंसक जिहादी सामग्री और भ्रामक सूचनाएं पहुंचाकर उन्हें गुमराह करने की कोशिश कर रहे थे। एनआईए का यह भी कहना है कि कुछ संदिग्धों के विदेशी संपर्कों की भी जांच की जा रही है और कथित नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान करने का प्रयास जारी है।

यह मामला मार्च 2026 में आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में दर्ज हुआ था, जिसे बाद में मई 2026 में एनआईए ने अपने हाथ में ले लिया। अब तक इस मामले में 11 आरोपियों और एक किशोर को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच की शुरुआत मुख्य आरोपी रहमतुल्लाह शरीफ मोहम्मद के ठिकाने पर तलाशी के बाद हुई थी, जहां से प्रतिबंधित आतंकी संगठनों से जुड़ी कथित आपत्तिजनक सामग्री मिलने का दावा किया गया।

एनआईए फिलहाल पूरे नेटवर्क की परतें खोलने में जुटी है। जांच एजेंसी यह भी पड़ताल कर रही है कि क्या इस कथित मॉड्यूल के तार देश में हुई अन्य घटनाओं से जुड़े हैं। हालांकि, किसी भी आरोपी के खिलाफ आरोप अभी जांच के दायरे में हैं और अंतिम निष्कर्ष अदालत में पेश साक्ष्यों तथा न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही तय होंगे।