Bihar Tender Scam: अफसर-ठेकेदार गठजोड़ का काला चिट्ठा खुलने के करीब! रिशुश्री से SVU की ताबड़तोड़ पूछताछ, इन सबूतों के सामने ढीले पड़े तेवर, IAS कनेक्शन पर दिए चौंकाने वाले जवाब

Bihar Tender Scam: रिशुश्री ने कानूनी दांव-पेच और घुमावदार जवाबों के जरिए जांच को भटकाने की कोशिश की, लेकिन जैसे ही ईडी की जांच रिपोर्ट, डिजिटल दस्तावेज और फॉरेंसिक साक्ष्य उसके सामने रखे गए, उसके तेवर नरम पड़ गए

SVU Grills Rishushree Over IAS Links Bribery and Tenders
अफसर-ठेकेदार गठजोड़ का काला चिट्ठा - फोटो : social Media

Bihar Tender Scam: सरकारी ठेकों में कथित भ्रष्टाचार, टेंडर फिक्सिंग और रसूखदार अफसरों की मदद से करोड़ों रुपये के खेल के आरोपी रिशुश्री पर अब जांच एजेंसियों का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। विशेष निगरानी इकाई (SVU) की रिमांड पर चल रहे रिशुश्री से दूसरे दिन भी करीब नौ घंटे तक गहन पूछताछ हुई। तीन डीएसपी की टीम ने उससे एक-एक कड़ी जोड़कर सवालों की बौछार की। सूत्रों के मुताबिक शुरुआत में रिशुश्री ने कानूनी दांव-पेच और घुमावदार जवाबों के जरिए जांच को भटकाने की कोशिश की, लेकिन जैसे ही ईडी की जांच रिपोर्ट, डिजिटल दस्तावेज और फॉरेंसिक साक्ष्य उसके सामने रखे गए, उसके तेवर नरम पड़ गए।

पूछताछ के दौरान सबसे ज्यादा सवाल उसके कथित IAS कनेक्शन को लेकर हुए। रिशुश्री ने कई अधिकारियों के साथ अपने करीबी रिश्तों को पारिवारिक संबंधों का नाम देकर सफाई पेश की। निलंबित IAS अधिकारी अभिलाषा कुमारी शर्मा को उसने अपनी “बहन” बताया और उन पर खर्च किए गए महंगे उपहारों को “राखी गिफ्ट” करार दिया। जांच एजेंसियों के अनुसार आईपैड, आईफोन और मोंट ब्लैंक जैसे लग्जरी गिफ्ट रिशुश्री की ओर से दिए गए थे। वहीं IAS योगेश सागर की विदेश यात्रा के खर्च को लेकर उसने दावा किया कि उसने केवल ट्रैवल एजेंट का रेफरेंस दिया था, बाकी इंतजाम से उसका कोई लेना-देना नहीं था।

जांच की आंच तब और तेज हो गई जब अधिकारियों ने ईडी की रिपोर्ट के आधार पर IAS अधिकारी आनंद किशोर से उसके कथित संबंधों को लेकर सवाल दागे। ईडी को दिए गए बयान में तत्कालीन संयुक्त सचिव मुमुक्षु चौधरी ने दावा किया था कि सीतामढ़ी नगर आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार दिलाने के लिए रिशुश्री ने ही पैरवी कराई थी। SVU ने जब यह बयान उसके सामने रखा तो उसने आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया।

सूत्रों के अनुसार पूछताछ में कमीशनखोरी के कथित नेटवर्क पर भी फोकस रहा। भवन निर्माण विभाग के तत्कालीन मुख्य अभियंता तारणी दास को 3.5 प्रतिशत और बुडको के इंजीनियर उमेश कुमार सिंह को 1 प्रतिशत कमीशन दिए जाने से जुड़े दस्तावेजों पर भी उससे जवाब मांगा गया। जांच अधिकारियों ने कई डिजिटल रिकॉर्ड और लेन-देन के ब्यौरे दिखाकर उससे पूछताछ की।

मामले में उस वक्त नया मोड़ आया जब SVU ने ईडी की रिपोर्ट का हवाला देते हुए मातृस्वा इंफ्रा के दफ्तर से बरामद डिजिटल लेजर का जिक्र किया। इस लेजर में कथित तौर पर “एस सर” को 67 लाख रुपये घूस दिए जाने का उल्लेख है। रिशुश्री ने इसे ईडी की गलत व्याख्या बताते हुए कहा कि उसकी IAS संजीव हंस से केवल औपचारिक पहचान थी। हालांकि, सूत्र बताते हैं कि जब एजेंसी ने उससे जुड़े अन्य साक्ष्य और दस्तावेज सामने रखे तो उसने इस मुद्दे पर चुप्पी साध ली।

फिलहाल रिशुश्री पांच दिनों की रिमांड पर है और 20 जून तक उससे पूछताछ जारी रहेगी। इस बहुचर्चित घोटाले में पहले से जेल में बंद संतोष कुमार, मुमुक्षु चौधरी, तारिणी दास और उमेश सिंह पर भी अब शिकंजा और कसने की तैयारी है। SVU रिशुश्री के बयानों का मिलान करने के लिए इन सभी आरोपियों को भी बारी-बारी से रिमांड पर लेकर आमने-सामने बैठाकर पूछताछ कर सकती है। ऐसे में आने वाले दिनों में इस कथित टेंडर घोटाले और अफसर-ठेकेदार गठजोड़ से जुड़े कई नए राज़ बेनकाब होने की संभावना जताई जा रही है।