Bihar Crime:चार पन्नों की चिट्ठी से खुला टूटी ज़िंदगी का राज, दोस्तों की पत्नियों से तुलना करना पड़ा महंगा, पत्नी-ससुराल पर युवक ने लगाए हैं ये गंभीर इल्ज़ाम

Bihar Crime: बिहार से सामने आई घटना सिर्फ एक आत्महत्या नहीं, बल्कि टूटते रिश्तों, मानसिक प्रताड़ना और पारिवारिक जंग की दर्दनाक दास्तान है।

Samastipur 4 Page Letter Reveals Broken Life
चार पन्नों की चिट्ठी से खुला टूटी ज़िंदगी का राज- फोटो : social Media

Bihar Crime: बिहार से सामने आई घटना सिर्फ एक आत्महत्या नहीं, बल्कि टूटते रिश्तों, मानसिक प्रताड़ना और पारिवारिक जंग की दर्दनाक दास्तान है।  समस्तीपुर के पटोरी थाना क्षेत्र के हसनपुर सूरत गांव में 31 वर्षीय युवक दिग्विजय कुमार ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। इस सनसनीखेज मामले ने तब और भयावह मोड़ ले लिया, जब पुलिस को मौके से चार पन्नों का सुसाइड नोट बरामद हुआ, जिसमें युवक ने अपनी मौत की वजह पत्नी और ससुराल पक्ष को ठहराया है।

शुक्रवार की रात दिग्विजय ने अपने घर के सबसे ऊपर वाले कमरे में फंदा लगाकर जान दे दी। जब मां ने खाने के लिए आवाज लगाई और कोई जवाब नहीं मिला, तो कमरे में जाकर जो मंजर देखा, उसने पूरे परिवार को सदमे और मातम में डुबो दिया। पंखे से लटकती लाश और नीचे बिखरी कागज़ की चिट्ठियां, मानो एक-एक कर उसके दर्द की गवाही दे रही थीं।

सुसाइड नोट में दिग्विजय ने लिखा है कि उसकी पत्नी राधिका और ससुराल वाले उसे लगातार मानसिक तौर पर तोड़ रहे थे। बेरोजगारी का ताना, दोस्तों के पतियों से तुलना और सोशल मीडिया के स्टेटस देखकर रोज-रोज का झगड़ा उसकी ज़िंदगी को जहन्नुम बना चुका था। उसने आरोप लगाया कि पत्नी की बड़ी बहन नेहा इस पूरे विवाद में आग में घी डालने का काम कर रही थी।

दिग्विजय ने यह भी लिखा कि करीब दो महीने पहले ससुर और साला कुछ लोगों के साथ उसके घर आए और उसके साथ मारपीट की। इसके बाद पत्नी और उसकी मासूम बेटी को जबरन साथ ले जाया गया। तब से वह अपनी बच्ची से नहीं मिल सका। वीडियो कॉल पर भी बेटी का चेहरा तक न दिखाया जाना उसे गहरे डिप्रेशन में ले गया।

चिट्ठी में उसने अपने माता-पिता और भाई-बहनों से माफी मांगते हुए लिखा कि वह एक अच्छा बेटा और भाई नहीं बन सका। यूपीएससी की तैयारी कर रहे दिग्विजय ने लिखा कि पारिवारिक विवादों ने उसकी पूरी ज़िंदगी रौंद डाली। आखिरी इच्छा में उसने बेटी की जिम्मेदारी अपने भाई को सौंपी और पत्नी व ससुराल वालों को सजा दिलाने की मांग की।

पटोरी डीएसपी बीके मेधावी के अनुसार, मामला पारिवारिक विवाद और मानसिक तनाव से जुड़ा है। सुसाइड नोट की फॉरेंसिक जांच की जा रही है। वहीं, मृतक के ससुर ने आरोपों को सिरे से खारिज किया है।फिलहाल यह मामला रिश्तों की उस कड़वी सच्चाई को उजागर करता है, जहां तनाव, ताने और अहंकार मिलकर एक ज़िंदगी को खामोशी से खत्म कर देते हैं।