Bihar Crime: 100 साल पुरानी करोड़ों रुपए की राम-जानकी और लक्ष्मण की अष्टधातु की मूर्ति चोरी, बिहार के मंदिर बने चोरों का सॉफ्ट टारगेट, आस्था पर डाका, कानून पर तमाचा

Bihar Crime: बिहार में अपराध पर लगाम लगाने के तमाम दावों के बीच चोरों ने अब सीधे आस्था के गढ़ों पर धावा बोलकर कानून-व्यवस्था को खुली चुनौती दे दी है।

Chapra Temples Turn Soft Targets for Thieves
आस्था पर डाका, कानून पर तमाचा- फोटो : social Media

Bihar Crime: बिहार में अपराध पर लगाम लगाने के तमाम दावों के बीच चोरों ने अब सीधे आस्था के गढ़ों पर धावा बोलकर कानून-व्यवस्था को खुली चुनौती दे दी है। मंदिर, जहां श्रद्धालु सुकून और विश्वास की तलाश में पहुंचते हैं, अब बदमाशों के लिए आसान शिकार बनते जा रहे हैं। गोपालगंज के विश्वप्रसिद्ध थावे दुर्गा मंदिर की चोरी की गूंज अभी थमी भी नहीं थी कि छपरा में एक बार फिर चोरों ने सनसनीखेज वारदात को अंजाम देकर पुलिस को कटघरे में खड़ा कर दिया है।

छपरा के मशरक थाना गेट के बिल्कुल करीब स्थित पौराणिक राम-जानकी-शिव मंदिर से  बेखौफ चोरों ने गेट का ताला तोड़कर राम, जानकी और लक्ष्मण की अष्टधातु की मूर्तियों पर हाथ साफ कर दिया। चोर इतने शातिर थे कि सीसीटीवी डिस्क और अन्य सामान भी समेट ले गए, ताकि कोई सुराग न बचे। सोमवार की सुबह जब पुजारी मंदिर की सफाई के लिए पहुंचे तो वहां सन्नाटा और खाली गर्भगृह देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई।

बताया जा रहा है कि चोरी गई मूर्तियां करीब 100 साल पुरानी अष्टधातु की हैं, जिनकी कीमत करोड़ों रुपये में आंकी जा रही है। यह महज चोरी नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं की आस्था पर सीधा हमला है। पुलिस ने मामले की तफ्तीश शुरू कर दी है, डॉग स्क्वायड की टीम भी मौके पर पहुंची है, लेकिन सवाल वही है—क्या इससे पहले की चोरी का खुलासा हो पाया?

बता दे करीब तीन हफ्ते पहले ही छपरा के प्राचीन बाबा धर्मनाथ धनी मंदिर और गोपालगंज के विश्वविख्यात थावे दुर्गा मंदिर में एक ही दिन में सेंध लगाकर चोरों ने पूरे सिस्टम को हिला दिया था। करोड़ों की चोरी की आशंका ने बिहार में हड़कंप मचा दिया, लेकिन जांच अभी अधूरी ही है। इससे पहले कि पुलिस किसी नतीजे तक पहुंचती, चोरों ने एक और मंदिर में वारदात कर यह जता दिया कि उनका खौफ अब कानून से बड़ा होता जा रहा है।

लगातार हो रही इन चोरियों ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या अपराधियों को अब न पुलिस का डर है, न कानून का खौफ? आस्था के मंदिरों पर लगते ये दाग बिहार की कानून-व्यवस्था पर ऐसा स्याह साया डाल रहे हैं, जिसे मिटाना अब पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन चुका है।