सीवान में जाली नोटों का काला कारोबार बेनकाब, SP पूरन कुमार झा का बड़ा एक्शन, 5.45 लाख की फर्जी करेंसी जब्त, महिला समेत दो गिरफ्तार

Bihar Crime: सीवान पुलिस ने नकली भारतीय मुद्रा के अवैध कारोबार पर बड़ी चोट करते हुए जाली नोटों के एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है।....

Siwan Fake Currency Racket Busted 5 45 Lakh Seized Two Held
जाली नोटों का काला कारोबार - फोटो : reporter

Bihar Crime: सीवान पुलिस ने नकली भारतीय मुद्रा के अवैध कारोबार पर बड़ी चोट करते हुए जाली नोटों के एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। मैरवा थाना क्षेत्र के पंडितपुरा गांव में की गई छापेमारी के दौरान पुलिस ने 5 लाख 45 हजार रुपये की फर्जी भारतीय मुद्रा, 88 हजार रुपये नकद, प्रिंटर मशीन और जाली नोट छापने में इस्तेमाल होने वाले अन्य उपकरण बरामद किए हैं। इस कार्रवाई में एक महिला समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का दावा है कि यह केवल शुरुआत है और पूरे नेटवर्क की तह तक पहुंचने के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।

पुलिस अधीक्षक पूरन कुमार झा ने प्रेस वार्ता में बताया कि 11 जुलाई 2026 को गुप्त मुखबिर से सूचना मिली थी कि पंडितपुरा गांव के एक मकान में जाली भारतीय नोट छापने और उनकी सप्लाई का धंधा चल रहा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, सदर-2 मैरवा के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। टीम ने बिना देर किए ठिकाने पर छापा मारा, जहां तलाशी के दौरान भारी मात्रा में लो-क्वालिटी नकली नोट बरामद हुए।

बरामदगी में 500 रुपये के 750 नोट (3.75 लाख रुपये), 200 रुपये के 150 नोट (30 हजार रुपये) और 100 रुपये के 1400 नोट (1.40 लाख रुपये) शामिल हैं। कुल मिलाकर 5.45 लाख रुपये की जाली करेंसी बरामद की गई। इसके अलावा मौके से 88 हजार रुपये नकद, प्रिंटर मशीन तथा नोट छापने में प्रयुक्त अन्य सामग्री भी जब्त की गई। विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) की टीम और लीड बैंक मैनेजर द्वारा प्रारंभिक जांच में इन नोटों के लो-क्वालिटी जाली भारतीय मुद्रा होने की पुष्टि की गई।

पूछताछ में गिरफ्तार महिला ने कई सनसनीखेज खुलासे किए। उसने कबूल किया कि वह अपने भाई मनु दुबे और पति राजकुमार दुबे के साथ मिलकर जाली नोट तैयार करने और बाजार में खपाने के गोरखधंधे में शामिल थी। पुलिस के मुताबिक मनु दुबे पहले से कई आपराधिक मामलों में नामजद है, जबकि महिला और उसका पति भी नकली नोटों की सप्लाई के मामलों में पहले जेल जा चुके हैं। इससे साफ है कि गिरोह लंबे समय से इस गैरकानूनी धंधे में सक्रिय था।

एसपी पूरन कुमार झा ने बताया कि गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। मैरवा थाना में बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि नकली नोटों के इस पूरे सिंडिकेट का पर्दाफाश कर इसके हर सदस्य को सलाखों के पीछे पहुंचाया जाएगा। 

सिवान से ताबिश इरशाद की रिपोर्ट