Bihar Politics:नीतीश के समृद्धि यात्रा के दिन तेजस्वी ने बुलाई राजद के कोर कमेटी बैठक, रिपोर्ट पर गिरेगी गाज?नेता प्रतिपक्ष की सियासी शतरंज की नई चाल
एक तरफ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समृद्धि यात्रा पर निकल चुके हैं, तो दूसरी तरफ नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सत्ता के इस सफ़र के समानांतर अपने सरकारी आवास पोलो रोड पर एक बड़ी और अहम बैठक बुलाकर सियासी संदेश दे दिया है।
Bihar Politics: बिहार की सियासत में आज हलचल दो मोर्चों पर साफ दिखाई दे रही है। एक तरफ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समृद्धि यात्रा पर निकल चुके हैं, तो दूसरी तरफ नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सत्ता के इस सफ़र के समानांतर अपने सरकारी आवास पोलो रोड पर एक बड़ी और अहम बैठक बुलाकर सियासी संदेश दे दिया है। विदेश यात्रा से लौटने के बाद तेजस्वी यादव की यह पहली बैठक है, जिसे महज़ औपचारिकता नहीं, बल्कि रणनीतिक मंथन के तौर पर देखा जा रहा है।
इस बैठक में आरजेडी की कोर कमेटी के तमाम दिग्गज शिरकत कर रहे हैं। सांसद हों या वरिष्ठ नेता, पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद संजय यादव समेत वे सभी चेहरे मौजूद रहेंगे, जिन्हें पार्टी की रीढ़ माना जाता है। सियासी गलियारों में चर्चा है कि यह बैठक आने वाले दिनों की राजनीति का नक़्शा-ए-राह तय कर सकती है।
सूत्रों की मानें तो बैठक का सबसे अहम एजेंडा पार्टी संगठन की समीक्षात्मक रिपोर्ट है। हाल ही में प्रदेश अध्यक्ष संजय यादव ने विधानसभा स्तर पर जो समीक्षा बैठकें की थीं, उनकी पूरी रिपोर्ट आज तेजस्वी यादव के सामने पेश की जाएगी। यह रिपोर्ट सिर्फ आंकड़ों का पुलिंदा नहीं, बल्कि संगठन की सेहत का आईना मानी जा रही है। ऐसे में जिन नेताओं और कार्यकर्ताओं की कारगुज़ारी कमजोर पाई गई है, उन पर गाज गिरने की पूरी संभावना जताई जा रही है।
तेजस्वी यादव पहले भी यह साफ कर चुके हैं कि पार्टी में ढिलाई, गुटबाज़ी और लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आज की बैठक में संगठन को चुस्त-दुरुस्त करने, ज़मीनी कार्यकर्ताओं को मज़बूत करने और चुनावी रणनीति को धार देने पर तफसील से गुफ़्तगू होने की उम्मीद है। माना जा रहा है कि कुछ नेताओं को जिम्मेदारियों से हटाया जा सकता है, तो कुछ को नई भूमिका देकर आगे बढ़ाया जाएगा।
दिलचस्प बात यह है कि जिस दिन नीतीश कुमार विकास और योजनाओं का पैग़ाम लेकर जनता के बीच जा रहे हैं, उसी दिन तेजस्वी यादव पार्टी के भीतर हिसाब-किताब और सर्जरी की तैयारी में जुटे हैं। यह सियासी इत्तेफ़ाक नहीं, बल्कि सोची-समझी रणनीति मानी जा रही है।
कुल मिलाकर, पोलो रोड की यह बैठक आरजेडी के लिए इम्तिहान भी है और इश्तेहार भी कि विपक्ष अब सिर्फ विरोध नहीं, बल्कि पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतरने को तैयार है।
रिपोर्ट- रंजन कुमार