वैशाली के चर्चित आमगाछी हत्याकांड की गुत्थी सुलझी, हत्या को आत्महत्या का रूप देने वाले 3 आरोपी गिरफ्तार

वैशाली जिले की महनार थाना पुलिस ने शाहपुर गांव के आमगाछी में हुए चर्चित छोटू पासवान हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है...

वैशाली के चर्चित आमगाछी हत्याकांड की गुत्थी सुलझी, हत्या को
वैशाली के चर्चित छोटू पासवान हत्याकांड का पुलिस ने किया खुलासा- फोटो : रिषभ कुमार

Vaishali : जिले की महनार थाना पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए शाहपुर गांव स्थित आमगाछी में हुए चर्चित हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा किया है। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए हत्या के आरोप में तीन शातिर अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस जांच और वैज्ञानिक अनुंसधान में यह साफ हो गया है कि युवक की बेरहमी से हत्या की गई थी और साक्ष्य छुपाने के उद्देश्य से शव को पेड़ से लटकाकर इसे आत्महत्या का रूप देने की नाकाम कोशिश की गई थी।


एसडीपीओ ने प्रेस वार्ता में किया खुलासा, तकनीकी साक्ष्यों से दबोचे गए आरोपी

सोमवार को अनुमंडल पुलिस कार्यालय, महनार में आयोजित एक विशेष प्रेस वार्ता के दौरान अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) प्रवीण कुमार ने इस पूरे मामले की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों में मंटू कुमार दास, सोनू कुमार और गुलशन कुमार शामिल हैं। इन तीनों को पुलिस ने तकनीकी इनपुट, मोबाइल लोकेशन और मानवीय साक्ष्यों के आधार पर दबोचा है। कड़ाई से की गई पूछताछ में तीनों आरोपियों ने पुलिस के सामने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।


पिकअप वैन में धक्का लगने के मामूली विवाद में रची गई थी खूनी साजिश

घटना के कारणों का खुलासा करते हुए एसडीपीओ प्रवीण कुमार ने बताया कि वारदात वाले दिन मृतक छोटू पासवान और मुख्य आरोपी मंटू कुमार के बीच पिकअप वाहन में धक्का लगने को लेकर तीखी बहस और विवाद हुआ था। इसी मामूली रंजिश का बदला लेने के लिए तीनों आरोपियों ने मिलकर हत्या की एक खूनी साजिश रच डाली। आरोपियों ने पहले सुनियोजित तरीके से छोटू पासवान को विश्वास में लेकर शराब पिलाई और जब वह नशे की हालत में आ गया, तो उसकी शर्ट फाड़कर उसी से गला घोंटकर उसे मौत के घाट उतार दिया।


9 मई को मिला था सत्तन पासवान के पुत्र का शव, पत्नी ने दर्ज कराई थी प्राथमिकी

गौरतलब है कि बीते 9 मई 2026 को शाहपुर गांव के आमगाछी में सत्तन पासवान के 24 वर्षीय पुत्र छोटू पासवान का शव एक आम के पेड़ से फंदे के सहारे लटकता हुआ बरामद हुआ था। शुरुआती जांच में यह मामला पूरी तरह खुदकुशी का लग रहा था, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दम घुटने से हत्या की बात सामने आने और अन्य संदेहास्पद साक्ष्यों के आधार पर मृतक की पत्नी ने महनार थाने में आवेदन दिया था। जिसके बाद 11 मई को पुलिस ने अज्ञात अपराधियों के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज कर तफ्तीश शुरू की थी।


गवाहों और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुला राज, आरोपियों को भेजा जा रहा जेल

पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान यह बात सामने आई कि घटना वाली रात करीब डेढ़ बजे मृतक छोटू पासवान को इन तीनों आरोपियों के साथ आखिरी बार देखा गया था। प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, सीडीआर (CDR) जैसे तकनीकी साक्ष्य और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के त्रिकोणीय तालमेल के कारण पुलिस अपराधियों तक पहुंचने में सफल रही। एसडीपीओ प्रवीण कुमार ने बताया कि वैज्ञानिक एवं तकनीकी माध्यमों से इस अंधे कत्ल की गुत्थी को पूरी तरह सुलझा लिया गया है और गिरफ्तार तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेजने की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।


रिषभ की रिपोर्ट