Bihar Connection Maharashtra TET Paper Leak:महाराष्ट्र TET पेपर लीक की साजिश का बिहार कनेक्शन, वैशाली में STF की ताबड़तोड़ रेड, साइबर कैफे संचालक समेत तीन हिरासत में

महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पेपर लीक कांड की जांच अब बिहार तक पहुंच गई है। ...

Vaishali Maharashtra TET Leak Linked to Bihar STF Raids
महाराष्ट्र TET पेपर लीक की साजिश का बिहार कनेक्शन- फोटो : reporter

Bihar Connection Maharashtra TET Paper Leak:  महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पेपर लीक कांड की जांच अब बिहार तक पहुंच गई है। करोड़ों के इस हाई-प्रोफाइल परीक्षा घोटाले के तार वैशाली जिले से जुड़ने के बाद महाराष्ट्र एसटीएफ ने हाजीपुर में बड़ी कार्रवाई करते हुए कचहरी रोड स्थित एक साइबर कैफे पर घंटों छापेमारी की। इस कार्रवाई में साइबर कैफे संचालक समेत तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। बरामद डिजिटल साक्ष्यों की गहन जांच की जा रही है, जबकि पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने के लिए कई राज्यों में एक साथ कार्रवाई जारी है।

जानकारी के मुताबिक, 28 जून को प्रस्तावित महाराष्ट्र टीईटी परीक्षा से महज 24 घंटे पहले प्रश्नपत्र लीक हो गया था। इस सनसनीखेज खुलासे के बाद महाराष्ट्र स्टेट एग्जामिनेशन काउंसिल ने परीक्षा रद्द कर दी थी। इसके बाद महाराष्ट्र एसटीएफ ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए बिहार के वैशाली जिले में दबिश दी।

एसटीएफ की टीम ने वैशाली पुलिस के सहयोग से हाजीपुर के कचहरी रोड स्थित क्विक डिजिटल साइबर कैफे में देर रात तक छापेमारी की। करीब एक बजे तक चली कार्रवाई के बाद कैफे संचालक सोनू कुमार समेत तीन लोगों को हिरासत में लिया गया। अधिकारियों ने मौके से कई कंप्यूटर, डिजिटल डिवाइस और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जब्त किए हैं, जिनकी फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि वैशाली के सहदेई निवासी सोनू कुमार वर्ष 2009 से हाजीपुर में साइबर कैफे संचालित कर रहा था। जांच एजेंसियों को उसके तार इस पेपर लीक कांड के कथित मास्टरमाइंड और समस्तीपुर निवासी बिजेंद्र गुप्ता से जुड़े होने की आशंका है। यही नहीं, एसटीएफ अब सोनू के छोटे भाई विकास की भी तलाश कर रही है, जो पटना में साइबर कैफे संचालित करता है और जांच एजेंसियों के रडार पर है।

हालांकि महाराष्ट्र एसटीएफ ने आधिकारिक तौर पर ज्यादा जानकारी साझा नहीं की है, लेकिन इतना जरूर कहा है कि टीईटी पेपर लीक मामले में मिले इनपुट के आधार पर यह छापेमारी की गई है और जांच लगातार आगे बढ़ रही है। सूत्रों के मुताबिक, जब्त किए गए डिजिटल डेटा से पूरे सिंडिकेट के कई और अहम चेहरे बेनकाब हो सकते हैं। बता दें कि महाराष्ट्र टीईटी परीक्षा के लिए 4 लाख 28 हजार से अधिक अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया था। परीक्षा रद्द होने के बाद लाखों अभ्यर्थियों के भविष्य पर असर पड़ा। इससे पहले महाराष्ट्र के भिवंडी में भी एसटीएफ ने कार्रवाई कर बिहार और हरियाणा के कई आरोपियों को गिरफ्तार किया था। अब वैशाली में हुई छापेमारी ने यह साफ संकेत दे दिया है कि पेपर लीक गिरोह का नेटवर्क कई राज्यों में फैला हुआ है और जांच एजेंसियां इसकी हर कड़ी को जोड़ने में जुटी हैं।

रिपोर्ट- ऋषभ कुमार