बिहार में बड़े सियासी उलटफेर की सुगबुगाहट! दिल्ली में बीजेपी कोर कमेटी की बैठक रद्द, अचानक पटना लौटे नीतीश-सम्राट
दिल्ली में आज शाम 6 बजे विनोद तावड़े के आवास पर बिहार बीजेपी कोर कमेटी की बैठक रद्द कर दी गई है। वहीं, सीएम नीतीश कुमार और डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी अचानक दिल्ली से पटना लौट रहे हैं।
New Delhi - : बिहार की राजनीति में एक बार फिर बड़े बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। दिल्ली में आज शाम 6:00 बजे बिहार बीजेपी के प्रभारी विनोद तावड़े के आवास पर होने वाली कोर कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक को अचानक रद्द कर दिया गया है। इस बैठक के रद्द होने और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार व उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आनन-फानन में पटना लौटने के फैसले ने राज्य में नई सरकार के गठन और नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों को हवा दे दी है।
विनोद तावड़े के आवास पर होने वाली बैठक क्यों हुई रद्द?
राज्यसभा सांसद विनोद तावड़े के दिल्ली स्थित निवास पर बिहार बीजेपी के तमाम दिग्गज जुटने वाले थे। माना जा रहा था कि इस बैठक में आगामी चुनावों और मंत्रिमंडल विस्तार पर चर्चा होनी थी। लेकिन बैठक के ऐन वक्त पहले इसे रद्द करने के फैसले ने सबको चौंका दिया है। सूत्रों की मानें तो शीर्ष नेतृत्व के बीच किसी बड़े फैसले पर सहमति बनाने के लिए रणनीतियों में बदलाव किया गया है।
शनिवार का था प्रोग्राम, अचानक पटना के लिए उड़े दोनों नेता
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी के दिल्ली दौरे का कार्यक्रम शनिवार तक का था। लेकिन शुक्रवार शाम को ही दोनों नेताओं ने अचानक अपनी वापसी का फैसला किया और पटना के लिए रवाना हो गए। जानकारों का कहना है कि बिहार की राजनीति में कुछ ऐसी खिचड़ी पक रही है, जिसके लिए दोनों शीर्ष नेताओं का राजधानी में मौजूद रहना अनिवार्य हो गया है।
बिहार में नई सरकार और नेतृत्व परिवर्तन की अटकलें तेज
राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा जोरों पर है कि क्या बिहार में एक बार फिर कोई बड़ा सत्ता परिवर्तन होने वाला है। कयास लगाए जा रहे हैं कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की राज्यसभा जाने की चर्चाओं और सम्राट चौधरी की बढ़ती सक्रियता के बीच बिहार को नया मुख्यमंत्री मिल सकता है। बीजेपी और जेडीयू के बीच पर्दे के पीछे चल रही इस हलचल ने विपक्षी खेमे में भी बेचैनी बढ़ा दी है।
राजभवन और सचिवालय की बढ़ी हलचल
जैसे ही नीतीश कुमार और सम्राट चौधरी के पटना लौटने की खबर आई, बिहार राजभवन और सचिवालय के आसपास प्रशासनिक सक्रियता बढ़ गई है। हालांकि, आधिकारिक तौर पर अभी तक किसी भी पक्ष ने सत्ता में बदलाव या बैठक रद्द होने के कारणों पर कोई स्पष्ट बयान नहीं दिया है। लेकिन दिल्ली से पटना तक का यह घटनाक्रम किसी बड़े सियासी तूफान की पूर्व आहट माना जा रहा है।
अगले 24 घंटे बिहार की सियासत के लिए बेहद अहम
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगले 24 से 48 घंटे बिहार की राजनीति के लिए निर्णायक साबित हो सकते हैं। क्या बीजेपी-जेडीयू गठबंधन के स्वरूप में बदलाव होगा या कैबिनेट में कोई बड़ा फेरबदल? इन सभी सवालों के जवाब पटना में होने वाली संभावित हाई-लेवल मीटिंग्स के बाद ही मिल पाएंगे। फिलहाल, पूरी बिहार की नजरें मुख्यमंत्री आवास '1-अणे मार्ग' पर टिकी हैं।