Payment For Work : बकाया भुगतान को लेकर ठेकेदारों ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र, कहा सरकारी काम में लोकल कॉन्ट्रैक्टरों को मिले प्राथमिकता

Payment For Work : काम के बिल भुगतान को लेकर राज्य के ठेकेदारों ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है. वहीँ उन्होंने तत्काल इमरजेंसी मीटिंग बुलाये जाने की मांग की है.......पढ़िए आगे

Payment For Work : बकाया भुगतान को लेकर ठेकेदारों ने मुख्यमं
बकाया भुगतान की मांग - फोटो : SOCIAL MEDIA

N4N DESK : पिछले कई महीनों से राज्य के ठेकेदार बकाया बिल का भुगतान नहीं होने से परेशान हैं। इसी कड़ी में कर्नाटक राज्य ठेकेदार संघ ने मंगलवार को मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार को पत्र लिखकर लगभग 38,000 करोड़ रुपए के बकाया बिलों का भुगतान जारी करने की मांग की और भुगतान में हो रही देरी पर असंतोष जताया है।एसोसिएशन के प्रेसिडेंट आर. मंजूनाथ ने मुख्यमंत्री से अपील की कि वे दो महीने के अंदर पेंडिंग बिलों का भुगतान करने के अपने वादे को पूरा करें। एसोसिएशन ने याद दिलाया कि शिवकुमार ने 30 जून 2026 को वादा किया था कि बकाया पेमेंट दो महीने के अंदर जारी कर दिया जाएगा।

एसोसिएशन ने कहा कि यह मुद्दा लगभग तीन साल से अनसुलझा है और मुख्यमंत्री से अपील की कि वे दखल दें और बकाया राशि का भुगतान करने के लिए तुरंत कदम उठाएं। उन्होंने कॉन्ट्रैक्टरों की शिकायतों पर चर्चा करने के लिए मुख्यमंत्री के साथ एक इमरजेंसी मीटिंग की भी मांग की। एसोसिएशन ने अलग-अलग सरकारी विभागों द्वारा फंड जारी करने में पारदर्शिता की मांग की और स्पेशल लेटर ऑफ क्रेडिट (एलओसी) जारी करने की प्रथा को खत्म करने की अपील की।

कॉन्ट्रैक्टरों ने जीएसटी से होने वाले 8 प्रतिशत के अंतर की राशि जारी करने की भी मांग की और सरकारी काम मिलने में लोकल कॉन्ट्रैक्टरों को प्राथमिकता देने की अपील की। उन्होंने सरकार से अपील की कि कर्नाटक में कॉन्ट्रैक्ट जारी करते समय दूसरे राज्यों के कॉन्ट्रैक्टरों को बढ़ावा न दिया जाए। एसोसिएशन ने अलग-अलग विभागों में फंड जारी करने के तरीके पर भी चिंता जताई और इस प्रक्रिया में ज्यादा पारदर्शिता की मांग की। कॉन्ट्रैक्टरों ने कहा कि मंत्री सतीश जारकीहोली के नेतृत्व वाले पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट (पीडब्ल्यूडी) से जुड़े पेमेंट में पारदर्शिता है। एसोसिएशन की ये बातें जारकीहोली और उनके सहयोगियों से जुड़ी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की हालिया छापेमारी के बीच सामने आई हैं।

ईडी के एक बयान के मुताबिक, सितंबर में बेंगलुरु, बेलगावी, गोकक और कोलकाता में 21 जगहों पर छापेमारी की गई। यह छापेमारी एफईएमए जांच के सिलसिले में की गई थी, जो कथित तौर पर बिना बताए किए गए विदेशी निवेश, सीमा-पार व्यापारिक संबंधों और संदिग्ध वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ी थी। एजेंसी ने कहा कि जारकीहोली और उनके सहयोगियों के ठिकानों पर छापेमारी के दौरान 3.3 करोड़ रुपए नकद, 15 लाख रुपए की विदेशी मुद्रा और डॉक्यूमेंट जब्त किए गए। कॉन्ट्रैक्टरों की एसोसिएशन ने सीएम शिवकुमार से अपील की है कि वे एक इमरजेंसी मीटिंग बुलाएं, उनकी शिकायतों पर ध्यान दें और पेंडिंग बिलों का जल्द से जल्द भुगतान करने के लिए कदम उठाएं।