Cashless Treatment : सड़क हादसे में घायलों के लिए सरकार की बड़ी योजना, इतने लाख तक मिलेगा कैशलेस ट्रीटमेंट का लाभ, जानिए कब लॉन्च होगी स्कीम
Cashless Treatment Scheme 2025: सड़क हादसे में घायल होने वालों की अब इलाज के अभाव में जान नहीं जाएगी। सड़क ने इसके लिए बड़ी योजना बनाई है। घायलों को कैशलेस ट्रीटमेंट योजना का लाभ मिलेगा। जानिए यह स्कीम कब लॉन्च होगी।
Cashless Treatment Scheme 2025: सड़क हादसे के मामले आए दिन बढ़ते जा रहे हैं। सड़क हादसे में हर साल करीब 1.8 लाख लोगों की जान चली जाती हैं, जिनमें से कई मामले ऐसे होते हैं जिनमें उचित इलाज नहीं मिल पाने के कारण लोग अपनी जान गंवा देते हैं। कई बार पैसों की तंगी के कारण भी घायलों का इलाज नहीं हो पाता है। अस्पताल पहले पैसे मांगते हैं फिर इलाज करने की बात करते हैं। कई बार घायल के साथ न तो कोई अपना होता है, न ही तुरंत पैसे जुटा पाना संभव हो पाता है।
सरकार की नई योजना
ऐसे में अब सरकार बड़ी योजना ला रही है। दरअसल, इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए केंद्र सरकार अब देशव्यापी कैशलेस ट्रीटमेंट योजना लाने जा रही है। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द ही इस योजना को पूरे देश में लॉन्च करेंगे, ताकि सड़क हादसों में घायल लोगों को बिना किसी देरी के इलाज मिल सके।
पैसे के लिए नहीं रुकेगा इलाज
यह योजना मोटर वाहन के इस्तेमाल से होने वाली हर प्रकार की सड़क दुर्घटना पर लागू होगी। चाहे हादसा हाईवे, शहर की सड़क या गांव के रास्ते पर हुआ हो पीड़ित को इस स्कीम का लाभ मिलेगा। इसमें यह नहीं देखा जाएगा कि दुर्घटना किस तरह की थी या वाहन कौन सा था। जैसे ही हादसा होगा, घायल को तय अस्पताल में भर्ती कराया जा सकेगा और इलाज के लिए पहले पैसे देने की जरूरत नहीं होगी। इस योजना का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि एंबुलेंस, पुलिस या आम लोग बिना किसी डर के घायल को तुरंत अस्पताल पहुंचा सकेंगे।
1.5 लाख तक कैशलेस इलाज
समय पर इलाज मिलने से गंभीर मामलों में जान बचने की संभावना काफी बढ़ जाएगी। सरकार का स्पष्ट उद्देश्य है कि इलाज पैसों की वजह से न रुके। सड़क परिवहन मंत्रालय ने इस योजना का पायलट प्रोजेक्ट 14 मार्च 2024 को चंडीगढ़ से शुरू किया था, जिसे बाद में छह राज्यों तक विस्तार दिया गया। सड़क दुर्घटना पीड़ितों की कैशलेस उपचार योजना, 2025 के तहत हर पीड़ित को दुर्घटना की तारीख से अधिकतम सात दिन तक, प्रति दुर्घटना 1.5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जाएगा।