Religion: स्नान-दान की पौष पूर्णिमा आज, जनवरी माह में सनातन पर्वों और शुभ योगों की बरसात, नए साल में लगेंगे 4 ग्रहण
Religion: नववर्ष 2026 के प्रथम महीने जनवरी में सनातन धर्मावलंबियों के लिए धार्मिक अनुष्ठानों, पर्व-त्योहारों और शुभ योगों की भरपूर गंगा बहने वाली प्रतीति होगी।
Religion: नववर्ष 2026 के प्रथम महीने जनवरी में सनातन धर्मावलंबियों के लिए धार्मिक अनुष्ठानों, पर्व-त्योहारों और शुभ योगों की भरपूर गंगा बहने वाली प्रतीति होगी। इस महीने में पौष पूर्णिमा, मकर संक्रांति, मौनी अमावस्या, गुप्त नवरात्र का आरंभ, बसंत पंचमी और अचला सप्तमी जैसे प्रमुख पर्व मनाए जाएंगे। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इन पर्वों के दौरान विभिन्न शुभ योगों का संयोग होने से धार्मिक और आध्यात्मिक महत्ता और भी बढ़ जाती है।
जनवरी की शुरुआत आज यानी 3 जनवरी को पौष मास की पूर्णिमा से हो गई है। यह दिन आर्द्रा नक्षत्र और ब्रह्म योग के संयोग में मनाया जाएगा। इस दिन सूर्य और चन्द्र का मिलन, स्नान और दान का विशेष महत्व है। गंगा, यमुना और अन्य पवित्र नदियों में स्नान करने से तन, मन और आत्मा पवित्र होते हैं। इस दिन सूर्य देव को अर्घ्य देना जीवन-मरण के चक्र से मुक्ति दिलाने वाला माना जाता है।
14 जनवरी को माघ कृष्ण एकादशी और मकर संक्रांति का पुण्यकारी पर्व होगा। सूर्य का मकर राशि में गोचर और खरमास का समापन होने से सभी शुभ मांगलिक कार्य आरंभ किए जा सकते हैं। गंगा स्नान करने से हजार अश्वमेध यज्ञ के समान पुण्य प्राप्त होता है।
18 जनवरी को मौनी अमावस्या पूर्वाषाढा नक्षत्र और हर्षण योग के संयोग में आएगी। इस दिन मौन रहते हुए गंगा, संगम आदि में स्नान, दान और पूजा करने से सौ गुना पुण्य प्राप्त होता है। तिल, तेल, आंवला, वस्त्र और पादुका दान करने से ग्रहजनित दोष समाप्त होते हैं।
19 जनवरी से गुप्त नवरात्र आरंभ होंगे, जो माता वैष्णों देवी, परांबा देवी और कामाख्या देवी की आराधना का समय है। साधक इस काल में कठोर साधना और दस महाविद्या की पूजा-अर्चना करते हैं।
23 जनवरी को बसंत पंचमी में विद्या की देवी सरस्वती माता की पूजा होगी। इस दिन परिघ योग, शिव योग और रवियोग के शुभ संयोग रहेंगे।
जनवरी 2026 के अन्य प्रमुख पर्व: 16 जनवरी – माघ प्रदोष व्रत, 17 जनवरी – नरक निवारण चतुर्दशी, 25 जनवरी – अचला सप्तमी, और 29 जनवरी – भैमी एकादशी।
इस प्रकार नववर्ष का आरंभ सनातन धर्मावलंबियों के लिए पुण्य, साधना और मंगल की दिशा में अत्यंत फलदायी रहेगा।