बैद्यनाथ धाम में मोबाइल-बैग ले जाने पर लगी पूर्ण पाबंदी, पाकिस्तानी करेंसी मिलने के बाद बदल गई मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था

बाबा बैद्यनाथ मंदिर की सुरक्षा अब और भी अभेद्य होगी। प्रवेश द्वारों पर DFMD लगेंगे, कर्मियों का डेटाबेस बनेगा और सामान ले जाने पर पाबंदी के साथ क्लाक रूम की सुविधा मिलेगी।

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Deoghar - : विश्व प्रसिद्ध द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक, बाबा बैद्यनाथ मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को नए सिरे से चाक-चौबंद किया जा रहा है। मंदिर की संवेदनशीलता और बढ़ती भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा का नया 'ब्लूप्रिंट' तैयार किया है। अब मंदिर के सभी प्रवेश द्वारों पर DFMD (डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर) लगाए जाएंगे, ताकि हर आने-जाने वाले की गहन जांच सुनिश्चित हो सके। एसपी सौरभ के अनुसार, सुरक्षा ऑडिट के बाद इस प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।

पाकिस्तानी करेंसी मिलने के बाद बढ़ी सतर्कता

मंदिर की सुरक्षा बढ़ाने का फैसला हाल की कुछ घटनाओं और सुरक्षा एजेंसियों के इनपुट के बाद लिया गया है। गौरतलब है कि पिछले दिनों मंदिर की दान पेटी से पाकिस्तानी करेंसी बरामद हुई थी, जिसके बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर है। वर्तमान में जिला पुलिस बल के साथ-साथ 50 आईआरबी (IRB) के जवानों को मंदिर की सुरक्षा में तैनात किया गया है। अब तकनीक और मैनपावर के मेल से मंदिर को सुरक्षित घेरे में तब्दील किया जा रहा है।

परिसर के अंदर सामान ले जाने पर पाबंदी, बनेगा क्लाक रूम

श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मंदिर प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। अब भक्त मंदिर के भीतर मोबाइल फोन, बैग या कोई भी अन्य संदिग्ध सामान नहीं ले जा सकेंगे। इसके लिए क्यू कॉम्प्लेक्स में एक आधुनिक क्लाक रूम बनाया जा रहा है। उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा ने बताया कि श्रद्धालु अपना सामान यहां सुरक्षित जमा कर सकेंगे और दर्शन के बाद उसे वापस ले सकेंगे।

कर्मियों और गुमस्ताओं का बनेगा डिजिटल डेटाबेस

मंदिर की आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए वहां कार्यरत हर एक व्यक्ति की पहचान पुख्ता की जाएगी। फूल-बेलपत्र बेचने वालों, फोटोग्राफरों, पूजा सामग्री विक्रेताओं और गठबंधन चढ़ाने वाले गुमस्ताओं का डिजिटल डेटाबेस तैयार किया जा रहा है। मंदिर थाना पुलिस इस काम में जुटी है। बिना पहचान पत्र (ID Card) के किसी को भी परिसर में व्यावसायिक गतिविधि की अनुमति नहीं होगी।

क्या है DFMD और क्यों है इसकी जरूरत?

मंदिर में अब तक 'हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर' का प्रयोग हो रहा था, लेकिन भीड़ के दबाव में यह पर्याप्त नहीं था। DFMD (Door Frame Metal Detector) एक मूक रक्षक की तरह काम करता है, जो चाकू, हथियार या किसी भी धातु आधारित खतरे को तुरंत पहचान लेता है। यह डिजिटल सिग्नल प्रोसेसिंग से लैस और हर मौसम के अनुकूल होता है, जिससे सुरक्षा मानकों में जबरदस्त सुधार होगा।

व्यवस्थित होंगे स्टॉल, श्रद्धालुओं को मिलेगी राहत

सुरक्षा के साथ-साथ मंदिर के सौंदर्यीकरण और भीड़ प्रबंधन पर भी ध्यान दिया जा रहा है। मंदिर परिसर में केवल 75 स्टॉल लगाने की अनुमति दी जाएगी, जिन्हें व्यवस्थित तरीके से लगाया जाएगा। इससे श्रद्धालुओं को चलने-फिरने में आसानी होगी और किसी भी आपात स्थिति में निकास प्रक्रिया बाधित नहीं होगी। प्रशासन का लक्ष्य है कि बाबा के दरबार में आने वाले भक्त सुरक्षित और शांतिपूर्ण वातावरण में पूजा-अर्चना कर सकें।