आधुनिक जीवनशैली और डेस्क जॉब की समस्याओं राहत दिलाएगा पादहस्तासन: जानिए इसके स्वास्थ्य लाभ और करने का सही तरीका

आधुनिक जीवनशैली और डेस्क जॉब की समस्याओं राहत दिलाएगा पादहस्

N4N Desk : लंबी अवधि तक ऑफिस में डेस्क पर बैठे रहने और लगातार कंप्यूटर या मोबाइल का उपयोग करने से कई शारीरिक व मानसिक समस्याएं उभरने लगती हैं। गलत पोस्चर के कारण पीठ दर्द, तनाव, सुस्ती और खराब पाचन जैसी समस्याएं आम हो गई हैं। आयुष मंत्रालय के अनुसार, नियमित योगाभ्यास और संतुलित आहार से इन दिक्कतों से राहत पाई जा सकती है, जिसमें 'पादहस्तासन' का अभ्यास अत्यंत लाभकारी और श्रेष्ठ माना गया है।


क्या है पादहस्तासन और कैसे पड़ा यह नाम?

पादहस्तासन तीन संस्कृत शब्दों के मेल से बना है— 'पाद' (पैर) + 'हस्त' (हाथ) + 'आसन'। इस योगाभ्यास के दौरान शरीर को आगे झुकाकर हाथों से पैरों को छुआ या पकड़ा जाता है, इसीलिए इसे 'पादहस्तासन' या 'हस्त पादासन' कहा जाता है। यह आसन रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाने के साथ-साथ पूरे शरीर में ऊर्जा का नया प्रवाह संचालित करने में मदद करता है।


पाचन तंत्र और मानसिक स्वास्थ्य के लिए चमत्कारिक फायदे

आयुष मंत्रालय के सुझावों के मुताबिक, इस आसन के नियमित अभ्यास से रीढ़ की हड्डी और शरीर का लचीलापन बढ़ता है तथा पाचन तंत्र मजबूत होता है। आगे की ओर झुकने से सिर और चेहरे की ओर रक्त का प्रवाह (ब्लड सर्कुलेशन) तेजी से बढ़ता है, जो दिमाग और आंखों के स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद है। इसके अलावा, यह तनाव और मानसिक थकान को दूर कर मन को शांत रखता है।


पादहस्तासन करने की सही विधि

  • प्रारंभिक स्थिति: सीधे खड़े होकर दोनों पैरों को आपस में जोड़ें।
  • झुकने की प्रक्रिया: सांस छोड़ते हुए कमर से धीरे-धीरे आगे की ओर झुकें और हाथों को पैरों के पास जमीन पर टिकाने का प्रयास करें।
  • शुरुआती अभ्यासकर्ताओं के लिए: यदि शुरुआत में जमीन छूना कठिन हो, तो घुटनों को हल्का सा मोड़ सकते हैं।
  • समय और आवृत्ति: इस स्थिति में कुछ सेकंड रुकें और फिर सांस लेते हुए सामान्य अवस्था में वापस आ जाएं। इसे प्रतिदिन 3 से 5 बार दोहराया जा सकता है।


अभ्यास के दौरान सावधानियां और विशेषज्ञ सलाह

योग करते समय अपनी शारीरिक क्षमता से अधिक खिंचाव या जबरदस्ती न करें। शुरुआती अभ्यासकर्ताओं को योग विशेषज्ञ की देखरेख में ही इसका अभ्यास करना चाहिए। किसी गंभीर बीमारी, हालिया हुई सर्जरी या गर्भावस्था के दौरान इस आसन को करने से पहले डॉक्टर अथवा योग विशेषज्ञ से परामर्श लेना अनिवार्य है।