क्या रही वजह? कद्दावर 'मंत्री' को बोलने का नहीं मिला मौका, एक को छोड़ सभी मंत्री-पूर्व मुख्य मंत्री-डिप्टी सीएम-सीएम ने किया संबोधित, पर....

क्या रही वजह? कद्दावर 'मंत्री' को बोलने का नहीं मिला मौका, एक को छोड़ सभी मंत्री-पूर्व मुख्य मंत्री-डिप्टी सीएम-सीएम ने किया संबोधित, पर....

पटनाः मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को बोधगया में 'हर घर गंगा जल' योजना का उद्घाटन किया। इस मौके पर डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव, जल संसाधन मंत्री संजय झा, सहकारिता मंत्री सुरेन्द्र प्रसाद यादव, कृषि मंत्री कुमार सर्वजीत,आईटी मंत्री इसराईल मंसूरी, पूर्व सीएम जीतनराम मांझी, गया के सांसद व अन्य विधायक मौजूद रहे। उद्घाटन कार्यक्रम के बाद अतिथियों ने कार्यक्रम को संबोधित किया। लेकिन सबसे आश्चर्यजनक बात यह कि एक मंत्री को बोलने का मौका नहीं मिला। इसके पीछे की वजह क्या रही यह साफ नहीं। लेकिन राजनीतिक गलियारे में इस पर चर्चा शुरू हो गई है। 

मंत्री सुरेन्द्र यादव को नहीं मिला मौका 

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज बोधगया में गंगा जल आपूर्ति योजना का शुभारंभ किया। इसके बाद संबोधन कार्यक्रम की शुरूआत हुई। नेताओं में सबसे पहले बोधगया के विधायक सह कृषि मंत्री कुमार सर्वजीत का संबोधन हुआ। इसके बाद आईटी मंत्री इसराईल मंसूरी ने संबोधित किया। फिर जिले के विधायक व पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी बोले। इसके बाद जल संसाधन मंत्री संजय झा और तब डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने अपनी बात रखी। अंत में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने लोगों को संबोधित किया। लेकिन आश्चर्य की बात यह कि मंच पर अगली कतार में बैठे बेलागंज के विधायक सह सहकारिता मंत्री सुरेन्द्र प्रसाद यादव को बोलने का मौका नहीं मिला। सुरेन्द्र प्रसाद यादव और कुमार सर्वजीत अगल-बगल बैठे थे। कुमार सर्वजीत, सुरेन्द्र यादव व जीतनराम मांझी तीनों गया जिले से विधायक हैं. जिले से विधायक होने के नाते कुमार सर्वजीत व जीतनराम मांझी को संबोधन का मौका मिला, लेकिन सहकारिता मंत्री को इससे दूर रखा गया। इसके पीछे की क्या वजह है, यह अब तक साफ नहीं हो सका है। लेकिन लोगों में यह चर्चा का विषय रहा कि जिले के कद्दावर विधायक व राजद कोटे से सहकारिता मंत्री सुरेन्द्र प्रसाद यादव को इससे दूर क्यों रखा गया।  

सभा को संबोधित करते हुए डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने कहा कि आज गया में गंगा जल पहुंच गया। फल्गु नदी में गंगा जल पहुंच गया है। साथ ही गया-बोध गया में घर-घर गंगा जल पहुंच गया है। तेजस्वी यादव ने कहा कि फल्गु नदी में पानी ही नहीं रहता था. कहा जाता है कि मां सीता के श्राप की वजह से फल्गु नदी हमेशा सूखी रहती थी। लेकिन नीतीश कुमार ने फल्गु नदी को श्राप से मुक्ति दिला दी। यानि सीता जी ने फल्गु नदी को श्राप दिया, अब बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश ने फल्गु नदी की मुक्ति दिला दी है। 

तेजस्वी यादव ने कहा कि पहले फल्गु नदी में पहले खोदकर पानी निकाला जाता है था और लोग शरीर पर छिड़कते थे. लेकिन आज नदी में डुबकी लगा रहे हैं. यह काम किसने किया...नीतीश कुमार और महागठबंधन की सरकार ने किया। वहीं बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि गया ऐतिहासिक जगह है। आज यहां गंगा जल मिलना शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री ने गया वासियों से पूछा कि आज से गय़ा में गंगाजल मलना शुरू हो गया। क्या आपलोगों को खुशी है. आपलोग हाथ उठाकर कहिए,उपर वाले को बताइए। नीतीश कुमार ने सभी लोगों से हाथ उठवाया. इसके बाद अपना भाषण खत्म किया। 

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