तो क्या दो खेमे में बंट गया महागठबंधन ? मांझी की कौन लगाएगा नैया पार, पढ़िए पूरी रिपोर्ट

तो क्या दो खेमे में बंट गया महागठबंधन ? मांझी की कौन लगाएगा नैया पार, पढ़िए पूरी रिपोर्ट

पटना- लोकसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान होते ही सभी पार्टियां अपने स्तर पर तैयारियों में जुट गई हैं. एनडीए पहले ही बिहार में सीटों का बंटवारा कर अपनी रणनीति बनाने में लगी है लेकिन महागठबंधन में पेंच फंसा हुआ है. 

20 सीटों पर RJD ने ठोका है दावा
 
आरजेडी 20 सीटों से कम पर चुनाव नहीं लड़ना चाहती है. वहीं कांग्रेस भी खुलकर खेलने को तैयार है. इसलिए कांग्रेस भी 15 सीटों से कम पर दांव नहीं ठोकना चाहती है. सीटों के बंटवारे को लेकर दोनों दलों में ही बात अभी तक नहीं बन पाने की खबर है तो ऐसे में छोटे दल हासिए पर ही हैं.
 
 
इंतजार की इंतेहा से बेकरार है वामदल

सीटों के बंटवारे में देरी ने महागठबंधन की पार्टियों की बेकरारी को बढ़ा दिया है.खासकर वामदल ज्यादा बेचैन है. जीतन राम मांझी की पार्टी तो लगातार दबाव बनाने में लगी है. वहीं रालोसपा पिछली बार से ज्यादा सीटों की डिमांड पर अड़ी है. मुकेश सहनी भी खुद को किसी से पीछे नहीं रखने चाहते हैं. वो भी ज्यादा सीटों पर दावा ठोक रहे हैं. वहीं समाजवादी पार्टी और वाम दलों ने अल्टीमेटम भी दे दिया है. सीटें बांटिए और जल्दी बताइए, नहीं तो मैदान में अकेले जाने के लिए तैयार हैं

दो खेमे में बंट गया है गठबंधन

महागठबंधन के हालत को देखते हुए यह लग रहा कि है पूरा गठबंधन दो खेमे में बंट गया है. नई बनी विकासशील इंसान पार्टी (वीआइपी) राजद के साथ है तो कांग्रेस के साथ रालोसपा की ताकत है. वामदलों का झुकाव कांग्रेस की ओर दिख रहा है. शरद यादव का कुनबा राजद के साथ खड़ा है. सबसे ज्यादा मुश्किल में हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) है. उसे मजबूत सहारे की तलाश है. महागठबंधन में सबसे पहले शामिल होकर भी उसे ज्यादा कुछ नहीं मिलता दिख रहा है. जीतनराम मांझी शायद इसीलिए दुखी हैं. अपना हिस्सा जानने के लिए बेताब भी.

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